हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि सतलुज यमुना लिंक नहर के मसले पर पंजाब सरकार के निर्णय से दोनों प्रदेशों का माहौल बिगड़ सकता है, ऐसे में विकल्प बचता है कि प्रधानमंत्री स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप करें।
वे सिरसा स्थित अपने आवास पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चूंकि हरियाणा और पंजाब में भाजपा की सरकार है, ऐसे में प्रधानमंत्री का इस संवेदनशील मुद्दे में हस्तक्षेप कर इसका समाधान निकालना जरूरी हो गया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस के लिए सतलुज यमुना लिंक नहर का मुद्दा सदैव प्राथमिकता रहा है।
डॉ. तंवर ने कहा कि हरियाणा में पिछले दिनों जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा से आहत होकर हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने होली नहीं मनाई। उन्होंने कहा कि इस सारे प्रकरण में भाजपा ही वास्तविक दोषी है और इसमें कांग्रेस पर दोषारोपण करना अनुचित है। भाजपा सरकार को चुनौती देते हुए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में किसी भी जांच को तैयार है। उन्होंने इस हिंसात्मक आंदोलन के दौरान प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से दिए जा रहे मुआवजे को काफी कम बताया। उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेशभर में आगामी छह अप्रेल से ब्लॉक स्तर पर सांकेतिक धरने व पदयात्राएं भी आरंभ करेगी। इसकी शुरूआत फरीदाबाद से की जाएगी।