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12 प्रतिशत गेहूं की खरीद करेगी एफसीआई

Fri, 01 Apr 2016 12:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने गेहूं खरीद को लेकर एजेंसियों को निर्देश जारी किए गए हैं। इस बार एफसीआई भी गेहूं की खरीद करेगी। कुल पांच एजेंसियों को खरीद की जिम्मेवारी सौंपी गई है। सभी एजेंसियों ने खरीद को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। एफसीआई ने गत वर्ष गेहूं की खरीद नहीं की थी। एफसीआई कुल खरीद की 12 प्रतिशत गेहूं की खरीद करेगी। एजेंसियों की ओर से आढ़तियों को उचित दिशा निर्देश दे दिए गए हैं।
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गेहूं की खरीद को लेकर एजेंसियों को प्रतिशत अनुसार खरीद का जिम्मा सरकार द्वारा सौंपा गया है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा सभी जिलों में जिला अधिकारियों को भेजे गए पत्र के अनुसार इस बार एफसीआई भी गेहूं खरीदेगी। जबकि एफसीआई ने गत वर्ष गेहूं की खरीद नहीं की थी। इस बार एफसीआई 12 प्रतिशत, फूड विभाग 33 प्रतिशत, एचडब्ल्यूसी 12 प्रतिशत, हैफेड 33 प्रतिशत और हरियाणा एग्रो इंस्ट्रीज निगम 10 प्रतिशत गेहूं की खरीद करेगा। सभी एजेंसियों ने खरीद को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। शुक्रवार से गेहूं की खरीद के लिए एजेंसियां तैयार होंगी।

हालांकि अभी तक गेहूं की फसल पकी नहीं है इस लिए 10 और लग सकते हैं आवक शुरू होने में पर एजेंसियों को एक अप्रैल से खरीद के लिए तैयार रहने के निर्देश सरकार द्वारा जारी किए गए हैं। सरकारी रेट पर 15 तक खरीद होगी। इस अवधि में प्राइवेट व्यापारी सरकारी रेट से बढ़कर बोली देकर गेहूं खरीद सकता है।
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आढ़ती रखें ध्यान
गेहूं खरीद को लेकर एजेंसियों द्वारा सभी आढ़तियों को निर्देश दिए गए हैं। इसमें तिरपाल, लकड़ी के कैरेट, झरने आदि सामान खरीद के दौरान तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि सिरसा की अनाज मंडी में आठ बड़े शैड हैं पर खरीद केंद्रों के लिए और शेड से बाहर खरीदी जाने वाली गेहूं को बारिश से बचाने के लिए यह जरूरी हिदायत है।

किसानों के लिए की पेयजल की व्यवस्था
सभी मंडियों व खरीद केंद्रों में किसानों के लिए पेयजल व्यवस्था की गई है। सिरसा की मंडी में सात वाटर कूलर किसानों को पेयजल की सेवा में चल रहे हैं। इसके अलावा सभी मंडियों में सफाई करवा दी गई है और रात को बिजली की विशेष व्यवस्था रहेगी।

11 लाख मीट्रिन टन से अधिक हो सकती है आवक
जिले में एफसीआई के अलावा हैफेड, फूड व एचडब्ल्यूसी विभाग के भी गोदाम हैं। गेहूं की आवक को लेकर  सभी गोदामों में भंडारण के लिए स्पेस पर्याप्त है। एफसीआई के गोदामों में 11 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं के भंडारण की क्षमता है। जिसमें से फिलहाल करीब 10 लाख मीट्रिक टन का स्पेश उपलब्ध है। इसके अलावा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के छह गोदामों में 39500 मीट्रिक टन, हैफेड के 10 गोदामों में 118500 मीट्रिक टन व एचडब्ल्यूसी के 10 गोदामों में 100900 मीट्रिक टन गेहूं के भंडारण के लिए स्पेश उपलब्ध है। डीएफएससी राजेश कुमार आर्य ने बताया कि इस बार जिले में 11 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उत्पादन का लक्ष्य है जबकि गत वर्ष 10 लाख 61 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई थी।

मौसम की रही मार
इस बार गेहूं की फसल पर मौसम की काफी मार रही बावजूद उत्पादन बंपर होने के आसार हैं। 14 जनवरी तक सर्दी न पडने से शुरूआती दौर में गेहूं के पौधे अच्छा फुटाव नहीं कर पाए। इसके बाद 15 दिन कोहरे से फसल को कुछ हद तक नुकसान हुआ हालांकि धुंध से फसल को लाभ होता है। मार्च माह तक बारिश न होने से गेहूं की फसल को इस बार मौसम का सहारा नहीं मिला और फसल के पकाव के समय ओलावृष्टि से काफी नुकसान हुआ। जिले में 2,92,000 हेक्टेयर में गेहूं की फसल है जिसमें से आधी से अधिक फसल ओलावृष्टि की चपेट में आई है। कहीं पर कम नुकसान हुआ तो कहीं पर 50 से 70 प्रतिशत तक नुकसान हुआ।
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