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बैंक परिसर में चलीं गोलियां, हड़कंप

Wed, 23 Mar 2016 10:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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फायरिंग - फोटो : Bureau
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गांव चौटाला स्थित भारतीय स्टेट बैंक में बुधवार दोपहर बाद एका एक दो गालियां चलने से हड़कंप मच गया। डकैती समझकर लोग बैंक से भाग खड़े हुए। पुलिस भी मौके पर पहुंची। गोलियां बैंक गार्ड की खराब गन से निकली थीं।
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दोपहर बाद करीब 12.30 बजे बैंक में कैश को डबवाली भेजने की तैयारियां चल रही थी। कैशियर विपिन कुमार तैयार था। बैंक के बाहर गाड़ी खड़ी थी। गार्ड लभु सिंह को साथ जाना था। कैश की सुरक्षा के लिए गार्ड ने अपनी 12 बोर डबल बैरल गन लोड करके बैंक मैनेजर नारायण सिंह के सामने से जैसे ही ऊपर की ओर की तो एकाएक गोलियां चल गईं। उस समय बैंक के भीतर 20 से 25 लोग मौजूद थे। सभी के सभी भाग खड़े हुए। बैं

क मैनेजर भी बाल-बाल बच गए। पुलिस चौकी के ठीक सामने स्थित बैंक में दनादन दो फायर होने से अफरा तफरी का माहौल हो गया। लोग इसे डकैती समझ बैठे। मौका पर मौजूद पवन कुमार ने बताया कि वह बैंक में पैसे जमा करवाने के लिए गया था। अचानक बैंक के भीतर ही दो गोलियां चल गई। हम समझें कि कोई डकैती हो गई है। बाद में पता चला कि गार्ड की गन से गोलियां निकली हैं। बैंक मैनेजर नारायण सिंह ने बताया कि इसमें गार्ड का कोई दोष नहीं। असल में बिना ट्रिगर दबाए गोलियां चली हैं। गार्ड उसके सामने ही गन में गोलियां लोड कर रहा था। यह सब मैकेनिकल फॉल्ट की वजह से हुआ है।
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पता था गन खराब है
गार्ड की नियुक्ति करने के बाद बैंक ही उसे असला देता है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा चौटाला में हुई वारदात ने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। खुलासा हुआ है कि बैंक गार्ड 12 बोर गन का प्रयोग कर रहा था वह खराब थी। उसकी एक पिन ठीक नहीं थी। यह गन नवंबर 2014 में सिरसा से खरीदी गई थी। सबको मालूम था कि बिना ट्रिगर दबाए कभी भी गोली निकल सकती है। इसके बावजूद अपनी जान हथेली पर रखकर गार्ड नौकरी कर रहा है। दूसरी ओर खराब हथियार से बैंक की सुरक्षा भी हो रही थी? मैनेजर ने यह बात स्वीकारते हुए कहा कि गन बदली जाएगी।
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जानकारी मिलते ही मैं बैंक में गया था। गोली बैंक गार्ड की गन से चली थी। बैंक ने कोई कार्रवाई नहीं करवाई है।
-बलवीर सिंह, प्रभारी, चौटाला चौकी, सिरसा
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