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किसानों ने बिजली निगम अधिकारियों पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया

Thu, 07 Jul 2016 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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नकली रसीदों के जरिए ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करके बिजली निगम तथा किसानों को चूना लगाने वाले एसडीओ, जेई बेशक जेल की सलाखों के पीछे हैं। लेकिन बिजली निगम उन्हें बचाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ रहा। बुधवार को डीएसपी कार्यालय में जुटे किसानों ने सरकार से करप्ट कर्मचारियों को बचाने वाले अधिकारियों पर भी कड़ा संज्ञान लेने की मांग की।
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    फर्जीवाड़े का भंड़ाफोड़ करने वाले बिजली निगम के लाईनमैन जसकौर के अनुसार निलंबित एसडीई पंकज गंडा के पास वर्ष 2010 से 2014 तक कालांवाली का कार्यभार रहा है। इस दौरान महज दो माह के लिए वे बरवाला गए थे। इसके बाद जनवरी 2014 में पुन: कार्यभार संभाल लिया। लेकिन निगम ने चार वर्षों का ऑडिट करने की जहमत नहीं उठाई। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद जनवरी से जून माह तक का ऑडिट करके करीब 22 लाख 87 हजार रुपये का गबन दिखाया। जबकि उसी वर्ष पंकज गंडा अगस्त 2014 तक रहे। जबकि निंलबित एसडीई ने चार वर्षों के कार्यकाल में इतने घपले किए हैं कि पूरी एक किताब छप सकती है। करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा उजागर हो सकता है। बिजली निगम अधिकारी उसे बचाने की कोशिश में जुटे हैं। तभी तो आनन-फानन में ऑडिट करके एफआईआर दर्ज करवा दी गई। जसकौर ने चार वर्षों की ऑडिट करवाने की मांग की है। मुख्य शिकायतकर्ता के साथ डीएसपी कार्यालय में जुटे किसान गुरजंट सिंह, मनप्रीत, रेशम, हरमीत, निर्मल, सरदूल सिंह, राम सिंह ने बताया कि उनके साथ ठगी हुई है। एसडीई ने जेई के साथ मिलीभगत करके उन्हें जारी किए गए कनेक्शनों के संबंध में पूरे कागजात उनके पास हैं। उनसे लाखों रुपये की वसूली की गई है। महकमें को भी उपरोक्त लोग चूना लगाए गए। उनका भी जमकर शोषण हुआ। आज उनकी हालत यह है कि उन्हें जनरेटर पर हर रोज 50 लीटर डीजल फूंककर अपनी फसल बचानी पड़ रही है। चूंकि मामला सामने आने के बाद निगम उनके खेतों में से कनेक्शन उतार ले गया है।


मेरे भाई की आत्महत्या का जिम्मेवार है एसडीओ
गांव फग्गू के किसान गुरप्रीत सिंह ने बताया कि वह अपने भाई सुखपाल सिंह के साथ मिलकर खेती करता था। पानी की कमी होने के कारण उन्होंने एक लाख 30 हजार रुपये  एसडीई तथा उनके जेई को दिए थे। कनेक्शन उनके पिता नायब सिंह के नाम था। उनके पास कनेक्शन की रसीद है। जब जांच चली तो उनका कनेक्शन अवैध माना गया। विभाग कनेक्शन काट ले गया। उनकी 12 एकड़ में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई। एसडीई तथा अन्य कर्मचारियों की वजह से सुखपाल मानसिक तौर पर परेशान रहने लगा। इसी परेशानी में उसने अपनी जान गंवा दी। मेरे भाई की मौत के जिम्मेवार बिजली निगम के उपरोक्त अधिकारी तथा कर्मचारी हैं।
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एसडीएम के नाम दिया ज्ञापन
किसानों ने एसडीएम प्रशांत कुमार के नाम उनके स्टेनो सुरेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। जिमसें किसानों ने आरोपियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए रिमांड के दौरान बरामदगी करने तथा अन्य आरोपियों को पकडने की मांग की है। किसानों ने सरकार से बिजली निगम के अधिकारियों पर भी संज्ञान लेकर चार वर्षों का ऑडिट करवाए जाने की मांग की है। एसडीई पंकज गंडा तथा जेई जंटा सिंह को रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद नौ जुलाई को अदालत में पेश किया जाएगा।
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