जिला प्रशासन की तरफ से भेजे गए घर खाली करने के नोटिस से गुस्साए थेहड़वासियों ने मंगलवार को शहरभर में जोरदार प्रदर्शन करके नगर परिषद कार्यालय का घेराव किया। थेहड़वासियों के रोष को देखते हुए प्रशासन ने सुबह ही लघु सचिवालय सहित मुख्य चौकों पर सुरक्षा को कड़े प्रबंध कर दिए थे। नप घेराव के बाद यहां भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। प्रशासन की तरफ से नगराधीश बिजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन नगराधीश को सौंपा। थेहड़वासियों ने प्रशासन को चेताया कि अगर उन्हें बल पूर्वक बेघर करने का प्रयास किया तो सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
जानकारी के अनुसार प्रशासन की तरफ से भेजे जा रहे घर खाली करने के नोटिस से बिफरे थेहड़वासियों ने सोमवार रात बाजार में प्रदर्शन व रोड जाम किया था। मंगलवार सुबह वे फिर से थेहड़वासी संघर्ष समिति की प्रधान एडवोकेट संजूबाला के नेतृत्व में एकत्रित हुए। प्रशासन ने थेहड़ के आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया। हजारों की संख्या में एकत्रित थेहड़वासियों को संबोधित करते हुए प्रधान संजूबाला ने कहा कि थेहड़वसियों को सरकार की तरफ से तीन दशकों से सारी सरकारी सुविधाएं मिली हुई है। वहां के लोग बिजली-पानी का बिल भरते हैं। यहां तक की हाउस टैक्स का भुगतान भी नगर परिषद को किया जाता ह्रै।
पिछली सरकार में थेहड़ में तीन सरकारी ट्यूबवेल लगाए गए। हर पार्टी के नेता थेहड़ पर चुनाव के समय वोट मांगने आते हैं और किसी ने भी उन्हें बेघर की बात नहीं की। अब भाजपा सरकार थेहड़ पर बसे गरीब लोगों को बेघर करने का मन बना चुकी है लेकिन सरकार को यह ध्यान रहे कि किसी भी सूरत में थेहड़ को खाली नहीं किया जाएगा। इसके बाद थेहड़वासी शहर के बाजारों में प्रदर्शन करते हुए नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और इसका घेराव कर लिया। जहां पर प्रदर्शनकारी बीजेपी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे।
प्रशासन की तरफ से स्थिति को कंट्रोल में करने के लिए नगराधीश बिजेंद्र सिंह को भेजा गया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत करके भरोसा दिया कि उनकी सारी बात को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष होशियारी लाल शर्मा ने नगराधीश से कहा कि सरकार अगर थेहड़वासियों को हटाना चाहती है तो उन्हें प्रत्येक थेहड़वासी को उतनी जमीन दे, जितनी जगह पर उनके मकान बने हुए हैं। इससे शांति पूर्वक समस्या का समाधान हो जाएगा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने नगराधीश को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
फूंकेंगे पीएम व सीएम का पुतला
मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में कहा गया है कि थेहड़ पर 3040 घर बसे हुए हैं। घरों में 25 हजार लोग काफी सालों से रहते आ रहे हैं। मकान खाली करने के जो नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें कैंसिल किया जाए और थेहड़वासियों को बेघर होने से बचाया जाए। संघर्ष समिति के सदस्य बिक्रमजीत सिंह एडवोकेट, पार्षद बलजीत कौर, हरदास सिंह रिंकू, मीनू सोनी, राजेंद्र, सोनू बाबा का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती आंदोलन जारी रहेगा। इसके तहत बुधवार को पीएम व सीएम का पुतला फूंका जाएगा।