नगर परिषद सिरसा की सीमा में आने वाली रजिस्टियां पंजीकृत करवाने के लिए जिला नगर योजनाकार की ओर से ली जा रही एनओसी की अनिवार्यता हटाने की मांग को लेकर एक बार फिर से प्रॉपर्टी एसोसिएशन ने लघु सचिवालय में धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। इसके बाद सीएम के नाम सीटीएम के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
धरने पर बैठे प्रॉपर्टी डीलर नरेश कुमार, नरेंद्र ङ्क्षसह, बाबूराम, जीवन बांसल, भूपेंद्र सिंह, सरदारी फुटेला, मनोज शर्मा, अशोक पावा, करनाल सिंह डबवाली, राकेश जिंदल, संदीप जैन, अशोक मेहता, संदीप भाटिया, देवेंद्र टक्कर आदि ने कहा कि सिरसा नगर परिषद के अंदर लगभग 34 कालोनियां हैं जो कि सरकार से वैध हैं, लेकिन प्रशासन ने नगर परिषद की सीमा में वैध कालोनियों व अन्य कालोनियों में भी जिला नगर योजनाकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य कर रखा है, जो गलत है और इसकी वजह से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे पूर्व भी इस बारे में प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा था पर कोरे आश्वासन देकर उन्हें भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि हरियाणा के दूसरे जिलों में वैध कालोनियों के लिए एनओसी लेना अनिवार्य नहीं है, लेकिन सिरसा जिला में प्रशासन अपनी मनमानी कर इस प्रकार के नियम लागू कर रहा है।
प्रॉपर्टी डीलर्स ने यह भी बताया कि वर्तमान में प्रोपर्टी की बाजार कीमत बेहद कम हो गई है, लेकिन कलेक्टर रेट उससे कहीं अधिक रखे गए हैं। कृषि भूमि एवं अन्य सभी जगहों पर कलेक्टर रेट वास्तविक कीमतों से अधिक निर्धारित किए गए हैं, जिस कारण उनका कामकाज ठप पड़ गया है कवर्ड एरिया के रेट भी असलियत में में काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि वैध कालोनियों में भी एनअेसी न मिलने तथा प्रोपर्टी के कलेक्टर रेट अधिक होने के कारण प्रोपर्टी डीलिंग का काम करने वालों पर दोहरी मार पड़ रही है। उन्होंने सीएम से इस संबंध में परेशानी को समझते हुए कलेक्टर रेट 50 प्रतिशत तक कम करने तथा एनओसी की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की।