मजदूरों की दरों को लेकर मजदूरी व आढ़तियों में विवाद बना हुआ है। मंगलवार को मजदूर पदाधिकारियों आढ़ती एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच मार्केट कमेटी के सचिव दिलावर सिंह बेनीवाल के समक्ष बैठक हुई। इसमें आढ़तियों ने मजदूरों को जिंस की उतराई व झराई के पैसे देने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मजदूर जो काम करेंगे उस काम के पैसे ही दिए जाएंगे। इस पर मजदूरों ने ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि पिछले गेहूं व धान के सीजन में मजूदरों से ट्राली उतरवाई, पंखा लगाई, भर के कांटा लगवाई व कांटा से उतरवाई करवाने के बाद मजूदरों के पैसे आढ़तियों ने नहीं दिए थे। मजदूरों को छह रुपये की दर से ही मजदूरी दी गई जबकि निधार्रित रेट 9.85 रुपये है। इसे देखते हुए ही मजदूरों ने सीजन की शुरूआत में ही फैंसला लिया है कि मजदूर इस बार निधर्रित 9.85 रुपये की दर से मजदूरी लेंगे।
अगर आढ़ती इससे इंकार करते हैं तो भविष्य में मंडी मजदूर ट्राली उतारने के लिए जगह बताना, ढ़ेरी पर तिरपाल देना, जिंस को सड़क पर बिखेरना, झाडू लगाना, पंखा लगाना, घरों तथा दुकान पर झाडू पोचा, बारदाना बाहर से लेकर आना, बोली के वक्त उपस्थित रहना आदि कार्य मजदूर नहीं करेंगे। इसके अलावा गट्टों में जिंस कम ज्यादा होना व चोरी से बचाव के लिए ध्यान रखने की मजदूरों की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। मजदूर काम के लिए सुबह आठ बजे से लेकर रात्रि आठ बजे तक ही मंडी में रहेंगे व इस दौरान दोपहर एक बजे से तीन बजे तक लंच टाइम रहेगा। अनाज मंडी में सिलाई व लोडिंग का कार्य अनाज मंडी मजदूर स्वयं करेंगे एवं बाहर के मजदूरों को मंडी में नहीं आने काम नहीं करने देंगे। मजदूरों ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की रेट संबंधी सभी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो सभी मंडी मजदूरी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस मौके पर हरियाणा मंडी मजदूर यूनियन के प्रधान बहादुर राम, किशोरी डाबला, विक्की चौरा, सतपाल, दर्शन, जगसीर सिंह, जगदीश, तेजपाल, टोनी, सोमी व अन्य मंडी मजदूर प्रतिनिधि उपस्थित थे।