गांव कुम्हारियां के किसानों ने नहरी पानी बंद किए जाने के विरोध में मंगलवार को नहरी विभाग के कार्यकारी अभियंता वीके जग्गा के कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने ज्ञापन देकर और खेड़ी माइनर में पानी छोड़ने की मांग की है क्योंकि फसलों की बिजाई के समय नहर बंद होने से उन्हें काफी नुकसान होगा और फसलों की बिजाई भी प्रभावित होगी। एक्सईएन ने इस मामले में एसडीई को उचित कार्रवाई करने का कहा है।
मंगलवार का गांव कुम्हारियां के किसान मदन लाल बैनीवाल, ओमप्रकाश, संतलाल, धर्मपाल, प्रहलाद सिंह, सुरेश कुमार, धोलूराम, सुभाषचंद, गौतम, प्रताप सिंह, सुभाषचंद, मांगेराम, मंगतूराम, कृष्णकुमार, महेंद्र सिंह, दलबीर सिंह, राय सिंह, राकेश कुमार, मेवा सिंह, जयपाल सिंह, रण सिंह आदि नहरी विभाग कार्यालय में पहुंचे और नहर बंद किए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी किसानों ने बताया कि उनके गांव में पुराने समय से ही खेड़ी माइनर के मोगा नंबर 1470950 राइट आर मोगा नंबर 134740 राइट से पानी लगता था तो उनके रकबे के लिए पूरा है।
उन्होंने बताया कि अब उनके रकबे को नई बनी गिगोरानी माइनर के मोगा नंबर 83320 से जोड़ दिया गया है। उन्होंने मांग की है कि उनके गांव के रकबा को नए बले गिगारोनी माइनर के मोगा नंबर 83320 से काटा जाए क्योंकि उनके रकबा को इस माइनर से पानी नहीं लगता है। उन्होंने मांग की है कि उन्हें खेड़ी माइनर से ही जोड़ा जाए।
उन्होंने बताया कि फतेहाबाद के अधिकारियों ने चुनाव आचार संहिता के चलते सोमवार को खेड़ी माइनर का पानी बंद कर दिया जिससे वे फसलों की बिजाई करने से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि राजस्थान सीमा से सटे होने के चलते इस क्षेत्र मेे ख्ेाल पूरी तरह से नहरी पानी पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि इस समय दोनों नहरें बंद है और फसलों की बिजाई का समय है। इस समय दोनों नहरें चलनी चाहिए थीं, लेकिन पानी बंद कर उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि नहरों में पानी छोड़ा जाए ताकि वे फसलों की बिजाई कर सकें। नहरी विभाग के कार्यकारी अभियंता वीके जग्गा ने उनकी मांग को ध्यानपूर्वक सुनते हुए एसडीई को कार्रवाई करने को कहा। किसानों से चेतावनी देते हुए कहा है अगर जल्द ही नहर में पानी न छोड़ा गया तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।