डबवाली (सिरसा)। रातों-रात समीकरण बदलने से युवा कांग्रेस हलका डबवाली के प्रधान का चुनाव रोमांचक स्थिति में पहुंच गया है। कम वोटिंग ने उम्मीदवारों की धड़कने बढ़ा दी हैं। मंगलवार को हुए मतदान का नतीजा दो दिसंबर को आएगा। मतगणना के लिए मत पेटियों को सिरसा स्थित कांग्रेस भवन में रखा गया है।
आम चुनाव की तरह युवा कांग्रेस के राज्य, जिला तथा हलका प्रधान के चुनाव के लिए डबवाली के श्री वैष्णो माता मंदिर को मतदान केंद्र बनाया गया था। सुबह होते ही समीकरण बदले नजर आए। जब हलका युवा कांग्रेस प्रधान के लिए सबसे मजबूत दावेदार राहुल गर्ग उर्फ विक्की प्रधान ने गांव मिठड़ी निवासी जश्नप्रीत उर्फ जश्न को समर्थन दे दिया। बकायदा उसने मौका पर पहुंचकर जश्न के लिए वोट मांगे। अब तिकोने मुकाबले में जश्न के सामने सरपंच खुशकरण सिंह मसीतां तथा गांव लखुआना के संदीप डांगी बचे हैं। जिनकी किस्मत का फैसला 2 दिसंबर को सिरसा स्थित कांग्रेस भवन में मतगणना से होगा। मतदान केंद्र के बाहर सुबह सात बजे से ही कांग्रेस उम्मीदवारों के समर्थक जुटना शुरू हो गए थे। पूरी स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए पुलिस मौजूद रही। शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह ने भी दौरा कर स्थिति जानी। कुल 1160 में से 672 कार्यकर्ताओं ने वोट पोल की। मतदान बेल्ट पेपर के जरिए हुआ। एक कार्यकर्ता ने हलका प्रधान के अलावज जिला प्रधान, जिला महासचिव, राज्य प्रधान तथा राज्य महासचिव के लिए वोट डाली। चुनाव के डीआरओ मान सिंह ने बताया कि मत पेटियों को सिरसा ले जाया गया है। जिला तथा हलका प्रधान के लिए दो दिसंबर को मतगणना होगी। राज्य प्रधान तथा महासचिव के चुनाव के लिए मत पेटियां चंडीगढ़ जाएंगी। चार दिसंबर को मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे।
कांग्रेस में जाट-नॉन जाट की लड़ाई
युवा कांग्रेस चुनाव के बहाने कांग्रेस में जाट-नॉन जाट की लड़ाई शुरू हो गई है। कोई इसे तंवर वर्सेज हुड्डा नाम दे रहा है। डबवाली में ऐसा महसूस भी हुआ। चूंकि विक्की प्रधान तथा जश्नप्रीत दोनों हुड्डा समर्थक हैं। जबकि खुशकरण सिंह कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर समर्थक है। पिछले दिनों अविंतका माकन तंवर डबवाली आई थी। उस समय खुशकरण सिंह मौजूद रहे थे। यही कारण माना जा रहा है कि तंवर समर्थक को हराने के लिए हुड्डा समर्थक एक-दूसरे के गले लग गए। जिला प्रधान पद की दौड़ में ऐलनाबाद के एक जाट युवक का मुकाबला तंवर समर्थक से है। दोनों ने एड़ी चोटी का जोर लगाया हुआ है।
कांग्रेस की आईडी वालों को एंट्री
डीआरओ मान सिंह ने बताया कि तीन माह पहले मैंबरशिप जारी की गई थी। कार्यकर्ताओं के आई कार्ड भी बनाए गए थे। जिनके पास कांग्रेस की आईडी थी, उन्हें मत प्रयोग करने दिया गया। जो ड्राइविंग लाइसेंस या आधार कार्ड से वोट डालने आए थे, उन्हें वोट पोल नहीं करने दी गई।