सोमवार को देश का आम बजट 2021-22 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया। बजट से किसान, कर्मचारी, व्यापारी वर्ग निराश है, लेकिन महिलाएं सोने के आभूषण सस्ते होने से खुश हैं। बजट में केंद्र सरकार ने किसानों के लिए नई ई-मंडियां बनाने का फैसला लिया है। कृषि क्षेत्र के लिए 75 हजार करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया गया है। नए बजट में पेट्रोल और डीजल पर कृषि सेस लगाया गया है। इसका प्रभाव ट्रांसपोर्ट किसान और आम जनता पर पड़ेगा। लोहे पर सीमा शुल्क कम कर दिया गया, लेकिन मोबाइल पार्ट्स पर रियायतें वापस ले ली गई है। बिजली क्षेत्र में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत कई प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा। सरकार ने कर प्रणाली में कुछ विशेष बदलाव किए हैं जैसे वरिष्ठ नागरिकों को टैक्स में छूट, पहले इनकम टैक्स ऑडिट जो 5 करोड़ तक की थी अब उसे बढ़ा कर 10 करोड़ कर दिया गया है। आमजन को घर मुहैया करवाने की ब्याज दर जो पहले 1.5 लाख की छूट थी उसे बढ़ा कर 1.5 लाख ओर कर दिया गया है। पुराने आयकर केस जो पहले 6 वर्ष तक का था उसे कम कर 3 वर्ष का कर दिया गया है।
इनकम टैक्स के केस फेसलैस एसेसमेंट में कर दिए हैं। स्वास्थ्य ओर शिक्षा से जुड़ी संस्थाएं उनके लिए 1 करोड़ तक की रिस्पिट आयकर से मुक्त थी जिसे अब 5 करोड़ रुपए तक बढ़ा दिया गया है। कुल मिलाकर इस आम बजट में इन बदलावों के कारण आम करदाताओं को लाभ मिलेगा।
-गणेश सिंगल, सीए।
हमारी सरकार ने देश को एक बाजार बना दिया है। रेलवे लाइन से लेकर माल गोदाम, पेट्रोलियम कंपनियों को लोगों को भी बेच दें। देश के संसाधनों को पूंजीपतियों के लुटाने पर तुली हुई है। खेल स्टेडियम को बेचने की बात कही गई है बजट में।
- जीपीएस किंगरा, प्रधान जिला बार एसोसिएशन सिरसा।
किसान आंदोलन के चलते सरकार ने नई ई-मंडी का लॉलीपोप दिया है। सरकार पहले से ही चल रही मंडियों का रख रखाव कर लें तो बहुत है। बजट में किसानों के लिए कुछ नहीं है। एग्रीकल्चर में कृषि अनुसंधान पर सरकारी संस्थाओं में खर्च का बजट बढ़ाना चाहिए। योजना ऐसी हो जिससे कि किसान आत्मनिर्भर हो।
- गुरजीत सिंह मान, प्रगतिशील किसान।
कोरोना काल के दौरान कॉलेज बंद रखे गए और ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा देने की बात कहीं गई थी। सरकार डिजिटल इंडिया की तरफ बढ़ावा देने की बात कर रही है लेकिन बजट में डिजिटल को बढ़ावा देने के लिए चर्चा तक नहीं है। नौकरी से संबंधित लोगों को टैक्स में किसी तरह की कोई छूट नहीं दी गई। जबकि नौकरी करने वाले लोग ही टैक्स समय पर अदा करते हैं।
- डॉ. केके डूडी, एसोसिएट प्रोफेसर, महिला महाविद्यालय सिरसा
बजट में व्यापारियों टैक्स और जीएसटी संबंधित कोई भी छूट नहीं दी गई है। कोरोना काल के दौरान व्यापारियों की चार माह तक दुकानें बंद रही थी। जिसके पश्चात सरकार से टैक्स और वस्तुओं पर जीएसटी घटाने की उम्मीद थी। लेकिन बजट में व्यापारी वर्ग को कोई भी लाभ नहीं मिला। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। सभी प्रकार की वस्तुओं के दाम बढ़ेंगे।
- हीरालाल शर्मा, हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष व्यापार मंडल सिरसा।
बजट में गृहणियों के लिए बड़ा कुछ नहीं है। बजट मिला जुला है, कई क्षेत्रों में रियायतें दी गई है। हालांकि महिलाओं के लिए सोना के जेवरात सस्ते होंगे। महिलाओं के लिए यह अच्छी बात है।
- रेणु बाला, गृहणी।
नौकरी पेशे में काम करने वाले कर्मचारियों को टैक्स संबंधित कोई भी छूट नहीं दी गई है। जबकि कर्मचारियों की तरफ से समय पर टैक्स दिया जाता है। कोरोना काल के दौरान भी कर्मचारियों ने अपना वेतन भी सरकार को दिया था। लेकिन बजट में उन्हें किसी भी तरह राहत नहीं दी गई। बजट में किसानों को भी कुछ राहत नहीं दी गई।
- राम कुमार चुरनियां, प्रधान, रोडवेज कर्मचारी यूनियन सिरसा