फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोट जमा करने को बैंकों में भीड़ जमा

Sun, 13 Nov 2016 12:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
विज्ञापन
एटीएम के बाहर लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पांच सौ और एक हजार के नोट बंद होने के बाद शनिवार को बैंकों में तीसरे दिन भी नोट जमा करने और नोट बदलवाने वालों की भीड़ रही। सुबह से ही बैंकों के आगे लंबी लाइनें लगने का सिलसिला तीसरा दिन भी ज्यों का त्यों रहा। हालांकि एटीएम खुलने के बाद कुछ राहत की सांस लोगों ने ली है पर बैंकों से नोट बदलवाने वालों की भीड़ आज भी पूर्व के दो दिनों की भांति रही।
विज्ञापन

 
आज भी 500 और 1000 के नोट जमा करवाने और करेंसी बदलवाने के लिए लोग बैंक खुलने से पहले ही बैंकों के आगे लंबी लाइनों में खड़े हो गए थे। सभी बैंकों आरबीआई के निर्देशानुसार शनिवार को छुट्टी रद्द कर बैंकों में कामकाज हुआ। रविवार को भी बैंक खुलेंगे और राशी जमा होने की तथा करेंसी बदलने की प्रक्रिया जारी रहेगी। नोट जमा करने वालों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। अभी ऐसे लोग भी नोट रखकर शांति से बैठे हैं जो बैंकों में भीड़ कम होने का इंतजार कर रहे हैं। तो वहीं बड़े पैमाने पर नोटों पर कुंडली मार कर बैठे कालाधन रखने वाले सकते में हैं। जिले के सभी 31 बैंकों में व 232 ब्रांचों में नोट जमा करने की कार्रवाई जारी रही। अब रविवार को भी यह कार्य जारी रहेगा। बैंकों में लोगों को 10-10 के नोटों के पैकेट भी थमाए गए। दिन भी बैंकों के बाहर तक लंबी लाइनों में लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे।  


खरीदारी पर लगे ब्रेक
500 व 1000 के नोट बंद होने के बाद लोगों के पास जो भी दूसरी करेंसी है उसको जरूरी कामों के लिए ही खर्च कर रहे हैं। ऐसे में बाजारों की रौनक फिकी पड़ना स्वाभाविक है। लोगों में नोटों को लेकर अफरा-तफरी का माहौल है, सीधा असर बाजार पर पड़ रहा है। स्थिति के सामान्य होने तक लोगों ने खरीदारी से किनारा करने का मन बना लिया है। अधिकतर दुकानदार सुबह से शाम तक ग्राहकों के इंतजार में बैठे रहते हैं।
विज्ञापन


लोगों की नोटों की वैल्यू कम
कुछ स्थानों पर 500 और 1000 के नोट लिए तो जा रहे हैं पर उनकी वैल्यू कम आंक रहे हैं। उदाहरण के तौर पर तीन सौ रुपये की वस्तु देकर पांच सौ का नोट ग्राहक से लिया जा रहा है। लोग मजबूरी में 20 से 30 प्रतिशत कम वैल्यू में ही नोटों को चला रहे हैं।


कुछ एटीएम बंद रहे तो कुछ में दोपहर तक राशि हुई खत्म
भले ही बैंक एटीएम सेवा शुरू करने का दावा कर रहे हैं पर एटीएम की सेवाएं बेहतर नहीं मिली। शुक्रवार को सभी एटीएम शुरू होने थे पर अधिकतर एटीएम शुरू नहीं हो सके। शनिवार को अधिकतर एटीएम शुरू तो हुए पर यहां से राशि निकालने वालों की लंबी लाइनें लग गई। कुछ एटीएम में दोपहर होने तक राशि खत्म हो गई तो कुछ एटीएम के ज्यों के त्यों ताले लगे हुए थे। एक कार्ड पर दो हजार की राशि ही एटीएम से निकल पाई। बैंकों का दावा है कि अब एटीएम सेवाएं निरंतर बहाल रहेंगी ताकि बैंकों में भीड़ कम हो जाए।


लोगों की परेशानी नहीं हुई कम
पांच सौ और एक हजार के नोट बंद होने के बाद लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि रेलवे स्टेशन, बसों, अस्पतालों, पेट्रोल पंपों पर पांच सौ और एक हजार के नोट स्वीकार किए जाएं पर यहां पर भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। दरअसल 500 और 1000 के नोट लेने से इंकार तो नहीं करते पर बकाया राशि देने में समस्या आ रही थी। बसों में सभी सवारियां पांच सौ या एक हजार का नोट दें तो कंडक्टर के पास बकाया राशि देने के लिए पर्याप्त राशि नहीं होती।


आस लगाए बैठे हैं लोग
काफी ऐसे लोग जिनके खातों में राशि नहीं है वो इस आस में बैठे हैं कि कोई धन्ना सेठ उनके खाते में राशि जमा करवाने के लिए उन्हें देे दे और उसके बाद अपना निर्धारित किया गया कमीशन काट कर राशि वापस दे देंगे। ऐसी चर्चाएं जगह-जगह पर सुनी जा रही हैं। कई लोग इसी आस में गांव से चल कर शहर में दिन भी डेरा जमाए बैठे रहते हैं।


फर्जी फर्में भी कर सकती हैं गेम
शहर में अनेक ऐसी फर्में हैं जिनका असल में कोई काम नहीं है पर कागजों में वे फर्में दौड़ रही हैं। ऐसे मौके पर ऐसी फर्मों के खातों में नोट जमा होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। बता दें कि प्रदेश में हुए वैट रिफंड घोटाले में सिरसा की भी सैकड़ों ऐसी फर्मों का पर्दाफाश हुआ था। एक व्यक्ति के नाम पर सौ से अधिक फर्में भी सिरसा में चल रही हैं। एक व्यक्ति के नाम पर 20 से 100 के बीच की फर्मों की संख्या तो काफी है। व्यापारिक मामलों के जानकारों की मानें तो कुछ लोग फर्जी फर्में बनाकर गेम खेलते हैं। यहां तक कि लोगों ने गांवों के पतों पर भी फर्में बना रखी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें