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पुलिस ने उतारी नप अध्यक्षा की गाड़ी पर लगी बत्ती

Fri, 20 Jan 2017 11:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
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नगर परिषद - फोटो : bureau
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शहर की सरकार की मुखिया नप अध्यक्षा एवं वरिष्ठ बीजेपी नेत्री शीला सहगल को शुक्रवार दोपहर लघु सचिवालय में काफी फजीहत का सामना करना पड़ा। शीला सहगल अपनी सरकारी गाड़ी पर नारंगी बत्ती लगा कर लघु सचिवालय में किसी काम से पहुंची थीं।
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वहां सचिवालय की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे सिटी थाना इंचार्ज इंस्पेक्टर राम सिंह बिश्नोई की नजर नप अध्यक्षा की सरकारी गाड़ी पर गई। गाड़ी के ऊपर नारंगी रंग की बत्ती लगी हुई थी। हाईकोर्ट के आदेशों की बीजेपी लीडर द्वारा धज्ज्यिां उड़ते देख सिटी थाना इंचार्ज ने गाड़ी पर लगी बत्ती को हटवा दिया और हिदायत दी कि आगे से गाड़ी पर बत्ती लगाई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सीनियर बीजेपी लीडर एवं सिरसा नगर परिषद की अध्यक्षा शीला सहगल अपनी सरकारी गाड़ी पर सवार होकर किसी काम से लघु सचिवालय आई थीं। उनके साथ एक महिला भी थी। सचिवालय की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे यहां सिटी थाना इंचार्ज राम सिंह बिश्नोई ने नप अध्यक्षा की गाड़ी पर बत्ती लगी देखी तो उन्होंने शीला सहगल से बत्ती लगाने का अधिकार पत्र प्रस्तुत करने को कहा।
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नप अध्यक्षा मौखिक रूप से अधिकार होने की बात करने लगीं, लेकिन कोई दस्तावेज प्रस्तुत न करने पर पुलिस ने नारंगी बत्ती जब्त कर ली। इसके बाद नप अध्यक्षा शीला सहगल को बिना बत्ती के गाड़ी में सवार होकर लघु सचिवालय से रवाना हुईं।

यह बोले नप के कार्यकारी अधिकारी
नप के कार्यकारी अधिकारी अतर सिंह का कहना है कि नगर परिषद चेयरमैन को गाड़ी पर कोई भी बत्ती लगाने का अधिकार नहीं है।

वेतन वृद्धि रोकने और तीन सौ रुपये जुर्माना
अवैध रूप से लाल, नारंगी और नीली बत्ती का उपयोग करने पर मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 177 के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सीसीए नियम 17/16 के तहत कार्रवाई होती है। इसमें 17 सीसीए में आरोप साबित होने पर वेतन वृद्धि, 16 सीसीए में सेवा मुक्त एवं वेतन वृद्धि रोकी जा सकती है। इसके अतिरिक्त 100 से 300 रुपये तक का जुर्माने का प्रावधान है। सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिसंबर 2013 को केंद्र सरकार को इस संबंध में निर्देश जारी किए थे। इसके बाद केंद्र सरकार और प्रदेश सरकारों ने अधिसूचना जारी कर दी।
राहुल शर्मा, सीनियर एडवोकेट एवं बार उपाध्यक्ष सिरसा

नियम की नहीं थी जानकारी
मुझे नहीं पता था कि नप अध्यक्ष को गाड़ी पर बत्ती लगाने की अनुमति नहीं है। पुलिस ने जब कहा गाड़ी से बत्ती उतार लो, ये गैरकानूनी है तो हमने गाड़ी से बत्ती हटा ली। मैं शहरवासियों की बीजेपी की तरफ से सेवा करने के लिए नप की अध्यक्षा बनी हूं, न कि बत्ती के लिए।
शीला सहगल, नप अध्यक्ष, सिरसा

बत्ती लगाने की हिदायतें
प्रदेश सरकार की तरफ से लाल, नीली और नारंगी बत्ती लगाने बारे हिदायतें जारी की हुई हैं। गजट नोटिफिकेशन में अलग-अलग अधिकारियों के लिए अलग-अलग रंग की बत्ती लगाने की अनुमति है। सीएम, जस्टिस, नेता विपक्ष, मुख्य न्यायाधीश को लालबत्ती लगाने का अधिकार है। आईएएस, आईपीएस, एमएलए, डीसी, एसपी, एडीजे को नारंगी की बत्ती, डीएसपी से लेकर नीचे तक पुलिस अधिकारी सरकारी गाड़ी पर नीली बत्ती लगा सकते हैं। तहसीलदार, एसडीएम, नगराधीश को भी नीली बत्ती लगाने की अनुमति है। बगैर अनुमति के कोई भी लाल, नीली और नारंगी बत्ती नहीं लगा सकता।

असामाजिक तत्व करते हैं दुरुपयोग
लाल-नीली बत्ती लगे वाहन को वीआईपी का दर्जा प्राप्त होता है, इसलिए पुलिस प्रशासन द्वारा ऐसे वाहनों की गहन जांच नहीं की जाती। इसी का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व लाल-नीली बत्ती लगाकर अवैध कार्यों को अंजाम देते हैं। शमशाबाद पट्टी में एक माह पूर्व नीली बत्ती लगी गाड़ी को पुलिस ने काबू किया था, जिसमें पुलिस की वर्दी के अलावा नोटों के आकार के कागज और लगभग सवा लाख की नकदी बरामद की थी।

निर्देश का पालन किया
मैंने लघु सचिवालय में नप अध्यक्षा एवं बीजेपी नेता शीला सहगल की गाड़ी पर नारंगी बत्ती लगी देखी, अनुमति पत्र दिखाने को कहा तो वो प्रस्तुत नहीं कर पाईं। इसलिए गाड़ी पर लगी नारंगी बत्ती उतार ली। एसपी साहब के निर्देश का पालन करना मेरी जिम्मेवारी है।
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इंस्पेक्टर राम सिंह, एसएचओ सिटी थाना सिरसा
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