सिरसा में मेडिकल कॉलेज बनाए जाने की घोषणा पिछले साल के बजट में हुई । लेकिन घोषणा के एक वर्ष के दौरान जिला प्रशासन केवल भूमि का ही चयन कर पाया है। जबकि भूमि को लीज पर लेने या खरीदने की प्रक्रिया भी अभी तय नहीं हो पाई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा भूमि लीज पर लिए जाने या खरीद के बाद ही मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य का आरंभ हो पाएगा। प्रशासन की ओर से सभी प्रकिया पूरी करके सरकार के पास फाइल भेजी हुई है।
हरियाणा सरकार ने सिरसा में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की हुई है। इसके लिए करीब 325 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान भी किया गया। जिला प्रशासन की ओर से मेडिकल कॉलेज बनाए जाने के लिए मिनी स्थित सीडीएलयू के करीब 25 एकड़ भूमि का चयन किया गया है। मेडिकल कॉलेज के लिए चयनित की गई ये भूमि हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार की है। जिसे कपास अनुसंधान संस्थान को लीज पर दिया गया है। हालांकि एक वर्ष बीतने के बाद भी अभी तक भूमि का हस्तांतरण नहीं हुआ है।
अधिकारी भी कर चुके हैं भूमि का निरीक्षण
प्रशासनिक अधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज के लिए ग्रामीण क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया था। इसके तहत डीसी, एसडीएम सहित सिविल सर्जन ने जिला के गांव फूलकां, केलनियां और वैदवाला गांव में जाकर भूमि का निरीक्षण किया था। लेकिन शहर के मिनी बाईपास पर स्थति चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के सामने हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की भूमि को उपयुक्त माना और 25 एकड़ जगह का चयन कर लिया गया।
ये मिलेगी सुविधाएं
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस का कोर्स संचालित किया जाएगा। जिसमें हर वर्ष नए डॉक्टर तैयार होंगे। मेडिकल में विभिन्न तरह की बीमारियों पर रिसर्च और टीचिंग के लिए हाई प्रोफाइल प्रोफेसरों की नियुक्ति होगी। मेडिकल में विभिन्न बीमारियों के विभाग स्थापित होंगी जिनमें कैंसर, हड्डी रोग, आंख, कान, नाक, न्यूरो विभाग, हृदय रोग विभाग सहित अन्य विभाग स्थापित होंगे। इलाज के लिए लोगों को हिसार, रोहतक या चंडीगढ़ नहीं जाना पड़ेगा।
हमने जमीन का चयन करके सभी कागजी प्रक्रिया पूरी करके सरकार के पास प्रस्ताव भेज दिया है। मेडिकल कॉलेज बनने से लोगों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
- प्रदीप कुमार, उपायुक्त सिरसा।