सिरसा। 10 हजार रुपये रिश्वत लेने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने मार्केट कमेटी सिरसा के सुपरवाइजर सुभाष चंद्र को चार साल कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
5 जून 2018 को सुपरवाइजर सुभाष चंद्र गांव धिंगतानियां स्थित धर्मकांटा पर पहुंचा था। इस दौरान धर्मकांटा संचालक मौजूद नहीं था। सुभाष चंद्र ने उसे फोन किया और कहा कि उसे 500 क्विंटल भूसे की जरूरत है, ये भूसा वह उदयपुर में गोशाला को भेजेगा। धर्मकांटा संचालक ने भूसे की कीमत 800 रुपये प्रति क्विंटल बताई। इसके बाद सुभाष ने कहा कि वह मार्केट कमेटी सिरसा का सुपरवाइजर है, तुम्हारा धर्मकांटा बंद करवा देगा। अगले दिन धर्मकांटा संचालक मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचा तो सुभाष चंद्र ने उससे 10 हजार रुपये रिश्वत मांगी। रिश्वत न देने पर झूठा मामला बनाकर धर्मकांटा बंद करवाने की धमकी दी। धर्मकांटा संचालक ने इसकी शिकायत विजिलेंस ब्यूरो को कर दी। जिला उपायुक्त ने नायब तहसीलदार डबवाली अजय कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर दिया। इसके बाद विजिलेंस ब्यूरो ने शिकायतकर्ता को 10 हजार रुपये सुभाष चंद्र को देने के लिए दिए। विजिलेंस ब्यूरो ने कार्यालय में छापा मारा तो सुभाष चंद्र ने यह राशि मार्केट कमेटी के सिक्योरिटी गार्ड प्रवीण कुमार निवासी थेहड़ मोहल्ला सिरसा को दे दी। विजिलेंस ब्यूरो ने सिक्योरिटी गार्ड से यह राशि बरामद कर ली। इसके बाद दोनों के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो ने अभियोग दर्ज कर लिया। सोमवार को इस मामले का निपटारा करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा ने आरोपी सुपरवाइजर सुभाष चंद निवासी कालीरावण जिला हिसार को को रिश्वत लेने का दोषी करार देते हुए 4 साल कैद की सजा सुना दी। आरोपी सुरक्षा गार्ड प्रवीण को कोर्ट ने सबूत के अभाव में बरी कर दिया।