श्री बाबा तारा कुटिया के मुख्य सेवक गोबिंद कांडा ने कहा कि थेहड़ा मोहल्ला के लोगों की लड़ाई हर स्तर पर लड़ी जाएगी। थेहड़ वासियों को बचाने के लिए उच्च न्यायालय की डबल बेंच में अपील की जाएगी। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान खोजने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
कांडा सोमवार देर सायं रानियां रोड स्थित बाबा बिहारी की समाधि परिसर में एकत्रित लोगों व प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से बीच का रास्ता निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि वे न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हैं। इसलिए थेहड़ की समस्या के समाधान के लिए डबल बेंच में याचिका दाखिल की जाएगी। प्रशासन की ओर से गठित कमेटी के सदस्य तहसीलदार ओपी बिश्नोई, उप सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण, डीआरओ अमीचंद, आशा वर्कर सहित अन्य विभागों के अधिकारी थेहड़ के लोगों को समझाने के लिए वहां पहुंचे थे।
अधिकारियों ने उच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए 13 जून से पूर्व थेहड़ को खाली करने का आग्रह किया। कांडा ने कहा कि थेहड़ को लेकर उपजी समस्या के लिए पूर्ववर्ती सरकारें और प्रशासन जिम्मेवार है। उन्होंने कहा कि छह दशक से लोग थेहड़ पर रह रहे हैं। पूर्ववर्ती सरकारों ने वोट बैंक के चलते इन लोगों के साथ धोखा किया। उन्होंने कहा कि थेहड़ पर रहने वाले लोगों को तमाम प्रकार की सुविधाएं मुहैया करवाई गई। सरकार व प्रशासन ने थेहड़ पर पक्की गलियां, नालियां, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, पीने का पानी, ट्यूबवेल, सरकारी स्कूल व अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई। वहां रहने वाले लोग वर्षों से बिजली, पानी, सीवर के बिल अदा कर रहे हैं। हाउस टैक्स दिया जा रहा है। इस मौके पर बाबा बिहारी समाधि के सेवक गुलाब राय गुर्जर, महेश सुरेकां, संजू बाला एडवोकेट, रानी रंधावा, जयकिशोर बाल्मीकि, राज मेहता, सतपाल ठेकेदार, सिकंदर खट्टर, राजू बांसल सहित अन्य उपस्थित रहे।
थेहड़ मोहल्ला पर राजनीति करना उचित नहीं : राहुल सेतिया
अखिल भारतीय पंजाबी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सेतिया ने कहा कि उच्च न्यायालय के थेहड़ खाली कराने के आदेश के बाद थेहड़वासियों की नींद हराम होना स्वाभाविक है। वहीं, शहर का हर बुद्धिजीवी भी दु:खी व परेशान है, क्योंकि सारे शहरवासियों की सहानुभूति थेहड़वासियों के साथ है। मंगलवार को जारी एक बयान में उन्होंने कहा है कि यह मसला लंबे समय से उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। उस दौरान जो राजनीतिज्ञ आज घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, वह भी सरकार का हिस्सा रहे हैं। इसलिए राजनीतिज्ञों को इस मसले पर राजनीति करना शोभा नहीं देता। सेतिया ने कहा कि पूरी हरियाणा सरकार व हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर इस मसले को लेकर चिंतित हैं और गंभीरता से गहन विचार विमर्श कर इस समस्या का समाधान खोज रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्णतया विश्वास है कि कोई न कोई समाधान जरूर निकलेगा। सेतिया ने कहा कि शहर की 20 प्रतिशत आबादी थेहड़ पर बसती है और अब तक हरियाणा में रही सभी सरकारों ने सभी मूलभूत सविधाएं थेहड़वासियों को बसने के लिए उपलब्ध करवाई, जिसमें पानी के ट्यूबवेल, सड़कें, स्ट्रीट लाइट तक। इसलिए पुरातत्व विभाग को पुन: टीम भेजकर थेहड़ पर सर्वे करवाना चाहिए तथा थेहड़वासियों को राहत देनी चाहिए। सेतिया ने कहा कि सर्वे की पुन: जरूरत इसलिए भी है कि इसमें कई लोगों के पास मकानों की मलकीयत रजिस्ट्री व हाऊस रिकार्ड भी है, तो ऐसे में अगर कार्रवाई होती है, तो यह थेहड़वासियों के साथ न्यायसंगत नहीं होगी। इसलिए हम केंद्र सरकार से मांग करते है कि जल्द ही केंद्र सरकार अपनी एक टीम सर्वे हेतु वहां भेजे, ताकि उन लोगों को राहत मिल सके, जिनकी रातों की नींद हराम हुई है।