नगर परिषद सिरसा के जिन वार्ड में विवादों की आशंका पहले से ही थी, वहीं पर विवाद हुआ। अधिकतर केंद्रों पर उम्मीदवारों के समर्थक आपस में या पुलिस के जवानों से उलझते हुए नजर आए। वार्ड 12 में एक आजाद उम्मीदवार को पुलि हिरासत में लिए जाने की अफवाह से समर्थकों ने पुलिस पार्टी पर जबरदस्त पथराव किया, जिसमें डयूटी मजिस्ट्रेट और एएसपी की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस की ओर से किए गए लाठी चार्ज में कई लोग घायल हो गए। तनाव की स्थिति देखते हुए भारी पुलिस बल मौके पर बुलाया गया, जिसकी देखरेख में मतदान संपन्न करवाया गया। दूसरी ओर कार्यकर्ताओं को धमकाने को लेकर हलोपा सुप्रीमो गोपाल कांडा और भाजपा नेता अमन चोपड़ा के बीच कहासुनी हुई तो कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। दोनों नेताओं के मौके से जाने के बाद ही कार्यकर्ता शांत हुए।
रविवार को सुबह आठ बजे मतदान के साथ ही उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की दूसरे गुट के लोगों के साथ कहासुनी हो गई। वार्ड नंबर 12 पर सभी लोगों की निगाहें लगी हुई थी और आशंका व्यक्त की जा रही थी कि वहां पर विवाद हो सकता है। कीर्तिनगर चौकी पुलिस के ठीक सामने राजकीय प्राथमिक विद्यालय के मतदान केंद्र में पांच बूथ बनाए गए थे। दोपहर बाद मतदाताओं की भीड़ जुटी हुई थी। शाह सतनाम चौक के चारों ओर कार्यकर्ताओं की भीड़ थी। ऐेसे में पुलिस ने भी सुरक्षा को लेकर मोर्चा संभाला हुआ था। दो बजे के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट नहरी विभाग के कार्यकारी अभियंता वीके जग्गा, एएसपी हिमांशु गर्ग मतदान केंद्र पर पहुंचे तो उन्होंने भीड़ देखकर फालतू लोगों को बार जाने को कहा। उनमें लोगों के बीच आजाद उम्मीदवार संजय कुमार भी खड़ा था, जिसे पुलिसकर्मियों ने बाहर जाने को कहा जिस पर उसने कहा कि वह तो उम्मीदवार है बाहर करना है तो दूसरे लोगों को करे। इस पर पुलिसकर्मी उसे पकड़कर कर बाहर ले जाने लगे। दूसरी ओर एएसपी ने दस पांच मिनट में सभी को बाहर जाने के लिए कहा।
उधर संजय कुमार के समर्थकों तक अफवाह पहुंची की संजय कुमार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है जिस पर वे भड़क उठे। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने चौक से बाहर आते ही मतदान केंद्र के बाहर ईंटें उठाकर फें कनी शुरू कर दी। जबरदस्त पथराव से भगदड़ मच गई। पथराव में ड्यूटी मजिस्ट्रेट की गाड़ी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि एएसपी की गाड़ी का भी शीशा टूट गया। ऐसे में पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया, जिससे भगदड़ मच गई और लोग जाने बचाने के लिए गलियों में भाग खडे़ हुए। सड़क पर पत्थर ही पत्थर पड़े हुए थे। लाठीचार्ज में तीन लोग घायल बताए गए हैं। इसके बाद पुलिस लाइन से अतिरिक्त पुलिस बल बुला लिया गया, जिसने मोर्चा संभाला लिया। शाह सतनाम चौक और हर गली में पुलिस बल तैनात किया गया। इस बीच शंाति कमेटी सदस्य मौके पर पहुंचे। हरदयाल सिंह बेरी, सुरेंद्र आर्य, लक्ष्मी प्रजापति आदि ने कार्यकर्ताओं को समझाया और शांतिपूर्ण ढंग से मतदान करने की बात कही। इसके बाद मतदान केंद्र को पुलिस ने घेरे में ले लिया। चार बजे तक जितने मतदाता केंद्र पर पहुंचे उन्हें मतदान करने दिया गया जबकि अन्य को वापस भेज दिया गया।
मैंने कोई दुर्व्यवहार नहीं किया : एएसपी
एएसपी हिमांशु गर्ग ने बताया कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना मिली थी कि आजाद उम्मीदवार संजय कुमार मतदाताओं पर वोट डालने के लिए दबाव डाल रहा है पहले वहां तैनात पुलिस अधिकारियों ने उसे समझाया था। बाद में वे भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने उसे बाहर जाने को कहा था। बाद में उसने अपने समर्थकों को भड़काकर हम पर पथराव करवा दिया। उनकी ओर से किसी के साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया गया। उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।