चोपटा तहसील के गांव कैरांवाली के एक व्यक्ति ने मुआवजा राशि वितरण प्रणाली पर धांधली का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत सीएम विंडो पर की है। मामला प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद फिलहाल चोपटा के नायब तहसीलदार को कैरांवाली के किसानों के खातों में मुआवजा राशि न डालने का आदेश दिया गया है। वहीं मामले की जांच का जिम्मा एसडीएम परमजीत सिंह चहल को सौंपा गया है। शिकायतकर्ता ने इस मामले में शामिल अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गांव कैरांवाली निवासी विरेंद्र कुमार ने सीएम विंडो में दी शिकायत में लिखा कि उनके गांव की 1400 एकड़ जमीन का 96 लाख रुपये मुआवजा आया है पर नरमे की इतनी बिजाई हुई ही नहीं थी। शिकायतकर्ता ने लिखा है कि जिस जमीन की फसल का मुआवजा निर्धारित किया गया है उसमें बरूवाली माइनर के मोगा नंबर 5000, 6800, 7200, 9000 व शेरांवाली माईनर के मोगा नंबर 2000 व 8500 से सिंचाई होती है, जहां अधिकतर धान की फसल की रोपाई होती है। शिकायतकर्ता का कहना है कि अभी भी उक्त जमीन धान की रोपाई के लिए खाली पड़ी है। आरोप है कि चोपटा के एक अधिकारी और एक पटवारी ने किसानों के साथ मिलीभगत करके धान वाली जमीन में नरमा की बिजाई दिखाकर 96 लाख रुपये की मुआवजा राशि पास करवाई है। शिकायतकर्ता ने कहा कि मुआवजा राशि वाल जमीन व खसरा नहरी गिरदावरी का मिलान कर मामले की जांच की जाए व फर्जी तरीके से मुआवजा दिलवाने के आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
मुआवजा राशि खातों में डालने पर रोक लगाई : डीआरओ
जिला राजस्व अधिकारी अमीचंद सैनी का कहना है कि सीएम विंडो की शिकायत पर जिला प्रशासन ने संज्ञान ले लिया है। नायब तहसीलदार चोपटा को फिलहाल कैरांवाली गांव की मुआवजा राशि किसानों के खातों में न डालने के निर्देश दिए गए हैं वहीं इस मामले की जांच के लिए एसडीएम परमजीत सिंह को जिम्मेवारी सौंपी हुई है। जांच पूरी होने के उपरांत आगामी कार्रवाई की जाएगी।