जाट आरक्षण संघर्ष समिति सिरसा की ओर से गांव रामपुरा ढिल्लों में धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा का ग्रामीणों ने विरोध जताया है। ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार कंवल सिंह यादव व चोपटा थाना प्रभारी परमजीत सिंह को लिखित में इसकी शिकायत दी है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि हम नहीं चाहते कि हमारे गांव में धरना-प्रदर्शन हो। उन्होंने प्रशासन से मांग किया है कि उनके गांव में जाट आरक्षण की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन की अनुमति न दी जाए।
गौरतलब है कि मंगलवार सुबह गांव रामपुरा ढिल्लों के ग्रामीणों को समाचार-पत्रों के माध्यम से पता चला कि जाट आरक्षण की मांग को लेकर उनके गांव में धरना-प्रदर्शन की जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्यों ने इच्छा जता रहे हैं। इस पर ग्रामीणों ने गांव की मुख्य चौपाल में एक बैठक का आयोजन किया। बैठक में जिला प्रशासन की तरफ से नायब तहसीलदार कंवल सिंह यादव व चोपटा थाना प्रभारी परमजीत सिंह को बुलाया गया और अपना विरोध जताते हुए कहा कि वे नहीं चाहते कि उनके गांव में किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन हो।
ग्रामीण पूर्व सरपंच रणधीर सिंह, पूर्व सरपंच राजेंद्र ढिल्लों, पूर्व सरपंच रामकिशन, मस्ताना ढिल्लों, आत्माराम, दुलीचंद, नंदलाल, दरिया सिंह, भरतसिंह, हरीसिंह, सुभाष, सुरजीत व ईश्वर सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बिल्कुल शांति है और वो किसी भी सूरत में नहीं चाहते कि उनके गांव में कोई प्रदर्शन हो। ग्रामीणों ने कहा कि उनका गांव शांतिप्रिय है और वे नहीं चाहते कि उनके गांव का नाम प्रदेश स्तर पर धूमिल हो। उन्होंने प्रशासन से भी मांग करते हुए लिखित में दिया है कि जाट आरक्षण मामले में उनके गांव में धरना-प्रदर्शन की अनुमति जिला प्रशासन न दें। उधर चोपटा थाना प्रभारी परमजीत सिंह ने बताया कि मंगलवार को भारी पुलिस बल के साथ गांव में पहुंचे और ग्रामीणों की बैठक लेकर उन्हें समझाया कि आरक्षण मामले में गांव में शांति बनाए रखें। इस पर ग्रामीणों ने कहा बाकायदा लिखित में दिया है कि उनके गांव में कोई धरना-प्रदर्शन नहीं होने देंगे। इस बैठक में गांव के सैकड़ों लोग मौजूद थे, जिन्होंने पुलिस को गांव में शांति बनाए रखने का विश्वास दिलवाया है।