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निलंबित पटवारी की रिपोर्ट को सिरे चढ़ा रहा प्रशासन, किसानों ने मांगा मुआवजा

Mon, 06 Jun 2016 11:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
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गांव तेजाखेड़ा में बाग को कॉटन के खेत दिखाकर रिपोर्ट तैयार करने वाला पटवारी बेशक निलंबित हो गया है। लेकिन उसी रिपोर्ट को आधार मानकर प्रशासन मुआवजा राशि वितरित कर रहा है। सोमवार को गांव तेजाखेड़ा के किसानों ने एसडीएम संगीता तेत्रवाल से मुआवजा मांगा।
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    किसान दौलत राम, कृष्ण कुमार, गुरचरण सिंह, सुभाष कुमार, गुरमीत सिंह, कुलदीप डुडी, सुरेंद्र गोदारा, दया राम, रामरक्ख, कुलदीप न्योल, रविंद्र गोदारा के नेतृत्व में एसडीएम से मिले। किसान दौलत राम ने बताया कि उस सहित उसके भाई श्योपत तथा आनंद कुमार एक-एक एकड़ में हर वर्ष कॉटन की बिजाई करते हैं। पिछली दफा सफेद मक्खी के प्रकोप से उनकी पूरी फसल बर्बाद हो गई। उन्हें सौ फीसदी फसल खराब का मुआवजा मिलना था, लेकिन मुआवजा के रूप में उन्हें एक-एक हजार रुपये दे दिया गया। अन्य किसानों ने सरकारी रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि उनकी जमीन पर रिकॉर्ड में कपास दिखाई गई है। उसी के अनुसार ही उनसे मामला लिया गया है। पटवारी बलवंत सिंह ने गिरदावरी की थी। गिरदावरी के दौरान जो सूची जारी हुई थी, उसमें उनका नाम था। लेकिन उसी रिपोर्ट के आधार पर आई दूसरी सूची में उनका जिक्र तक नहीं है। ऐसे में उन्हें अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। मौके पर मौजूद तहसीलदार नौरंग दास ने कहा कि अब कुछ नहीं हो सकता। रिपोर्ट में कटिंग मिली थी उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया है। किसानों ने कहा कि उनके साथ अन्याय हो रहा है। बीस-बीस साल पुराने बाग मालिकों के खातों में तीन-तीन लाख रुपये आ गए हैं।

आप खुद मौका पर आओ
किसानों ने एसडीएम से मांग की कि वे खुद मौका देखने के लिए आएं। उनकी जमीन खाली पड़ी हुई है। अगर बाग होते तो वहां निशां मिलेंगे। तेजाखेड़ा में दो ही फसल काश्त होती हैं। या तो बाग हैं या फिर कॉटन। किसानों ने कमेटी बनाने की मांग की।
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क्या कहा एसडीएम ने
एसडीएम ने कहा कि गिरदावरी पुन: नहीं हो सकती। उन्होंने मौका पर ही कानूनगो मलकीत सिंह को सर्वे करके रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए। रिपोर्ट के बाद आगामी कार्रवाई होगी।

ये बोले तहसीलदार
तहसीलदार नौरंग दास ने कहा कि जिन बाग मालिकों के खातों में पैसा गया है, उनके खिलाफ केस दर्ज करवाए जाएंगे। पैसा भी वापस लिया जाएगा। किसानों ने कहा कि प्रशासन को जो करना है, वह करे। मुआवजे का उनका बनता हक उन्हें दे।



मुआवजा मांगते हैं तो पटवारी मांगता है रिश्वत
गांव गंगा निवासी अमरजीत सिंह तथा नायब सिंह ने एसडीएम को ज्ञापन देकर माल पटवारी पर मुआवजा राशि न देने का आरोप लगाया है। ज्ञापन लेते समय एसडीएम ने पूछा कि पटवारी ऐसा क्यों कर रहा है? किसानों ने कहा कि वह पैसे मांगता है।

सरकार ने हलका डबवाली के करीब 97 करोड़ रुपये मुआवजा राशि जारी की है। मार्च 2016 में 50 करोड़ रुपये  की पहली किश्त एसडीएम डबवाली के नाम जारी हुई थी। तहसील के रिकॉर्ड अनुसार इसमें से अब तक 40 करोड़ का वितरण हुआ है। जबकि करोड़ों रुपये अभी बकाया हैं। ऐसे में राशि लैप्स हो गई तो इसका जिम्मेवार कौन होगा?
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-जसवीर सिंह भाटी, किसान नेता, डबवाली
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