जिले में 38 गांव ऐसे हैं, जहां लिंगानुपात कम है। सामाजिक संस्थाओं और जिले के लोगों की मानें तो इन्हीं गांव की वजह से जिले की छवि खराब हो रही है, साथ ही यह गांव पिछड़ भी रहे हैं। बुधवार को डबवाली में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों समेत ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत डबवाली के मिठाई विक्रेता संघ ने अहम निर्णय लिया। संघ के प्रधान राकेश शर्मा ने घोषणा की कि डबवाली का प्रत्येक हलवाई बेटी के जन्म और बेटियों के लिए होने वाले कार्यक्रम के लिए एक किलो की जगह सवा किलो मिठाई देगा। मिठाई के डिब्बे पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का टैग लगा होगा। यह व्यवस्था हर दुकान पर लागू होगी, ताकि जब कोई डिब्बा खोले तो सबसे पहले बेटी का ख्याल करे।
श्री कृष्ण कॉलेज ऑफ एजूकेशन में हुए अभियान में पहुंचे नायब तहसीलदार जगदीश चंद्र ने कहा कि कोख में बेटी का कत्ल करना पाप है, इससे बचें। साथ ही दूसरों को भी जागरूक करें। नायब तहसीलदार ने गांव कालूआना की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कालूआना पंचायत की पहल के बाद काफी पंचायतें जागरूक हुई हैं। सीएमओ सूरजभान कंबोज ने कहा कि पहले सिरसा में लिंगानुपात अच्छी स्थिति थी, लेकिन पिछले कुछ समय से लिंगानुपात सुधरने की अपेक्षा बिगड़ता जा रहा है। जिला सिरसा के 38 गांव ऐसे हैं, जहां लिंगानुपात अपेक्षा से बहुत नीचे हैं। उन्होंने खंड डबवाली में लिंगानुपात की रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि बेशक ओवरऑल लिंगानुपात 1000 : 962 है। लेकिन सात गांव ऐसे हैं, यहां बहुत अधिक सुधार करने की गुंजाइश है।
टास्क फोर्स देगी रिपोर्ट
सीएमओ के अनुसार विलेज स्तर पर टास्क फोर्स बनाई जा रही है। इस संबंध में जिला की सभी एएनएम एक हफ्ते में रिपोर्ट देंगी। टास्क फोर्स में संबंधित गांव का सरपंच, एनजीओ सदस्य या स्कूली अध्यापक सहित पांच सदस्य होंगे। जो संदेहास्पद महिलाओं को उनके घर तक जाकर समझाएंगे। अगर नहीं मानी तो सामाजिक बहिष्कार करवाएंगे। गर्भपात करने पर सजा भी दिलाएंगे। ऐसे लोगों को छह माह से दस साल तक की सजा हो सकती है।
सांवतखेड़ा से आएंगी कंजक
सीएमओ सूरजभान कंबोज ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि गांव सांवतखेड़ा में एक बेटे तथा 11 बेटियों ने जन्म लिया है। श्राद्ध के बाद नवरात्र शुरू होंगे। उस समय कंजक (बेटी) की खोज शुरू होगी। मुझे महसूस हो रहा है कि यहां कंजक कम हैं, वहां के लोग सांवतखेड़ा से टेपों में कंजक लेकर अपने गांव जाएंगे। कभी दौर था बेटी नहीं तो बहू कहां से लाओगे, मैं कहता हूं, जब बेटी नहीं तो कंजक कहां से लाओगे।
ऐसे सात गांव, यहां सुधार की जरूरत
गांव लिंगानुपात
दीवानखेड़ा 286
गिदडख़ेड़ा 538
मटदादू 517
रामगढ़ 540
लखुआना 313
रत्ताखेड़ा 350
चौटाला 837