सिरसा विधानसभा क्षेत्र में चल रही चुनावी मतगणना के नौवें राउंड में कांग्रेस के उम्मीदवार गोकुल सेतिया ने महत्वपूर्ण बढ़त बनाई है। वर्तमान में, गोकुल सेतिया के खाते में 41945 वोट हैं, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी, हलोपा के गोपाल कांडा ने 40669 वोट प्राप्त किए हैं।
गोकुल सेतिया की बढ़त 1276 वोटों की है, जो कांग्रेस पार्टी के समर्थकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इस राउंड में गोकुल सेतिया ने अपने प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।
सिरसा विधानसभा क्षेत्र में चल रही चुनावी मतगणना के छठे राउंड में कांग्रेस के उम्मीदवार गोकुल सेतिया ने महत्वपूर्ण बढ़त बनाई है। वर्तमान में, गोकुल सेतिया के खाते में 32603 वोट हैं, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी, हलोपा के गोपाल कांडा ने 31057 वोट प्राप्त किए हैं।
गोकुल सेतिया की बढ़त 1546 वोटों की है, जो कांग्रेस पार्टी के समर्थकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इस राउंड में बढ़त बनाने के साथ ही उन्होंने अपनी स्थिति को मजबूत किया है, और अब सभी की नजरें अगले राउंड के नतीजों पर टिकी हुई हैं।
इस राउंड में आम आदमी पार्टी (आप) के श्याम सुंदर मेहता को मात्र 204 वोट मिले हैं, जबकि जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के पवन शेरपुरा ने 190 मत प्राप्त किए हैं।
कांग्रेस की बढ़त 4796 मतों की हो गई है, जिससे पार्टी समर्थकों में खुशी की लहर है। इस राउंड की स्थिति ने गोकुल सेतिया के लिए उम्मीदें बढ़ा दी हैं, जबकि गोपाल कांडा के लिए चुनौती बढ़ गई है।
सिरसा विधानसभा क्षेत्र की तीसरी राउंड की मतगणना में कांग्रेस के गोकुल सेतिया ने 14340 मतों के साथ स्पष्ट बढ़त बना ली है। इसके साथ ही कांग्रेस को 2831 मतों की बढ़त मिल रही है, जिससे पार्टी के समर्थकों में खुशी की लहर है।
हरियाणा लोकहित पार्टी (हलोपा) के गोपाल कांडा 11509 मतों के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) के श्याम सुंदर मेहता को मात्र 146 वोट मिले हैं। जजपा के पवन शेरपुरा के वोटों की संख्या अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन वह मुकाबले में पीछे चल रहे हैं।
गोकुल सेतिया की बढ़त ने कांग्रेस के लिए उम्मीदें बढ़ा दी हैं, और अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वह अपनी बढ़त को बनाए रखते हुए सिरसा में जीत हासिल कर पाएंगे। मतगणना जारी है और आगे के राउंड में स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।
सिरसा विधानसभा क्षेत्र में इस बार का चुनाव बेहद रोचक और सस्पेंस से भरा हुआ है। पूरे शहर और गांवों में केवल दो ही नाम चर्चा का केंद्र बने हुए हैं- गोपाल कांडा और गोकुल सेतिया। हरियाणा लोकहित पार्टी (हलोपा) के उम्मीदवार गोपाल कांडा को इस बार भाजपा और इनेलो का समर्थन मिला है, जबकि कांग्रेस के प्रत्याशी गोकुल सेतिया बिना किसी गठबंधन के अकेले ही मजबूती से चुनावी मैदान में डटे हुए हैं।
प्रचार हो या सोशल मीडिया, दोनों नेताओं ने हर मोर्चे पर एक-दूसरे के खिलाफ जमकर हमला बोला। चुनावी मुद्दों में नशे के बढ़ते प्रभाव और सिरसा के विकास के विषय प्रमुख रहे, जिन पर गोपाल कांडा और गोकुल सेतिया ने अपनी-अपनी उपलब्धियां गिनाईं।
हालांकि, सिरसा के चुनावी मैदान में अन्य उम्मीदवार भी हैं- जैसे आम आदमी पार्टी से श्याम सुंदर मेहता और जजपा-असपा गठबंधन से पवन। लेकिन इनका मुकाबला काफी हद तक साइडलाइन हो चुका है, और असली जंग गोपाल कांडा और गोकुल सेतिया के बीच मानी जा रही है।
गोकुल सेतिया पिछली बार 2019 के विधानसभा चुनाव में 602 वोटों से हार गए थे, जब इनेलो ने उनका समर्थन किया था। इस बार कांग्रेस की स्थिति बेहतर नजर आ रही है, खासकर सरकार विरोधी लहर और किसानों पर लाठीचार्ज व भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर सेतिया लगातार कांडा को घेर रहे हैं।
एक्स फैक्टर: गोकुल सेतिया को इस बार टिकट वितरण के बाद स्थानीय नेताओं की नाराजगी का सामना करना पड़ा है, जो पूरी तरह से दूर नहीं हो पाई है। दूसरी ओर, गोपाल कांडा को इनेलो और बसपा का समर्थन मिला है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में उनके प्रति खासा विरोध देखा जा रहा है।