तस्करी में मुक्त होने वाले पशुओं की संभाल के लिए अब गोशाला को 60 रुपये प्रति पशु/प्रतिदिन मिलेगा। गुड गवर्नेंस के लिए जिला सिरसा में नियुक्त वृशाली खंडेलवाल गो शालाओं का निरीक्षण कर देख रही हैं कि छुड़ाए गए पशु सुरक्षित हैं या नहीं।
अक्सर पुलिस तस्करी कर ले जाए जा रहे पशुओं को मुक्त करवाकर उन्हें गो शालाओं में छोड़ती थी। कई बार ऐसे मामले सामने आए जब गो शालाओं ने उपरोक्त पशुओं को रखने में असमर्थता जता दी। कारण उनके पास इतनी धनराशि नहीं है कि वे उपरोक्त को भोजन खिला सकें, लेकिन अब ऐसा हरगिज नहीं होगा। जिस भी गोशाला में पशु छोड़े जाएंगे, उसे 60 रुपये प्रति पशु/प्रतिदिन मिलेगा। यह सोसायटी ऑफ प्रीवेंशन ऑफ क्रयूल्टी एनीमल (एसपीसीए) के तहत होगा। सरकार इस सोसायटी को हर साल पैसा भेजती है। इस वर्ष जिला सिरसा को 11 लाख रुपये जारी हुए हैं।
वे एक अप्रैल 2015 से जुलाई 2016 तक दर्ज हुई एफआईआर में दर्ज पशुओं की संख्या देखकर गोशाला में उनकी संभाल की जांच कर रही हैं। एक साल से ज्यादा की अवधि में अब तक 10 मामले सामने आ चुके हैं। जिसमें पुलिस गो रक्षकों की मदद से करीब 175 पशुओं को छुड़वा चुकी है। इसमें से पांच पशुओं की गोशाला में मौत हो चुकी है। शनिवार को वृशाली खंडेलवाल ने डॉ. भारत भूषण के साथ जिला की औढ़ां, कालांवाली, पन्नीवाला मोटा तथा डबवाली गोशाला का दौरा किया। इसी कड़ी में वे गांव जमाल में स्थित गौशाला का भी दौरा करेंगी। इस मौके पर गोशाला प्रबंधक कमेटी के प्रधान कमलेश गोयल, पशुपालन विभाग के एसडीओ सुखविंद्र सिंह, चिकित्सक अरूण बांसल भी मौजूद थे।
पशु के लगा होगा टैग
एसपीसीए के तहत लाभ पाने वाली गोशाला को ऐसे पशु पर टैग लगाना होगा। इस संबंध में उन्होंने गो शाला प्रबंधकों को निर्देश दिए। जांच के दौरान गो शाला प्रबंधकों ने उन्हें पुलिस द्वारा छोड़े गए पशु गिनाए।
मैडम, पंजाब से तस्करी होते हैं पशु
डबवाली गोशाला में उपस्थित प्रकाश चंद बांसल, प्रेम प्रकाश गोयल, केसरा राम ने बताया कि रविवार को साथ लगते पंजाब एरिया की मंडी किलियांवाली में पशु मंडी लगती है। बड़े पैमाने पर गाड़ियों में पशु भरकर बाहर लेजाए जाते हैं। इसी के कारण शहर में आवारा पशु बढ़ रहे हैं। समस्या को उपायुक्त के समक्ष रखा जाए।
यातायात के माध्यम से वध के लिए ले जाए जा रहे पशुओं को मुक्त करवाकर गो शाला में छोड़ा जाता है। ऐसे पशुओं की खुराक तथा संभाल के लिए हमने 60 रुपये प्रति पशु/प्रति दिन देने की योजना बनाई है। यह योजना एक हफ्ते में लागू हो जाएगी।
-वृशाली खंडेलवाल