तंत्र-मंत्र विद्या से उपचार कराना महिला और उसके बेटे को भारी पड़ गया। कथित तांत्रिक ने उपचार के नाम पर पीड़ित युवक से लाखों रुपये के सोने-चांदी की भस्म मंगवाई और मौका मिलते ही सारा माल समेट अपने चेलों सहित फरार हो गया।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तांत्रिक व उसके दो अन्य साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है। सोने-चांदी की भस्म की कीमत करीब 25 लाख बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, ग्रीन मार्केट कालांवाली निवासी अशोक कुमार अग्रवाल की मां काफी समय से बीमार थी। अस्पताल में काफी उपचार करवाने के बाद भी उसे कोई आराम नहीं आया।
ऐसे में किसी जानकार ने उसे सलाह दी कि कालांवाली में एक तांत्रिक है और उसके पास हर बीमारी का इलाज है। अखबारों में भी उसका विज्ञापन छपता है जिसमें वह हर समस्या के समाधान का दावा करता है।
अशोक ने अखबार में विज्ञापन पढ़कर तांत्रिक मियां फालिस को अपने घर बुला लिया। तांत्रिक ने अशोक को सामग्री के रूप में पांच ग्राम स्वर्ण व पांच ग्राम चांदी की शुद्ध भस्म लाने को कहा।
इसके अलावा तंत्र विद्या में प्रयुक्त सामान की सारी सूची अशोक को दे दी। जांच अधिकारी एसआई पतराम ने बताया कि तांत्रिक ने एक बड़ा गढ्ढा खोदा और अशोक कुमार की मां को उसमें गले तक दबा दिया।
तांत्रिक मियां फालिस ने तीन दिन तक मां के समक्ष बड़ा दीया जालकर काफी तंत्र-मंत्र किया, लेकिन अशोक की मां की हालत में कोई सुधार नहीं आया।
तांत्रिक ने अपने हाथ खडे़ कर दिए और अशोक से कहा कि उसका गुरु ही आपकी मां को ठीक कर सकता है। अशोक ने तांत्रिक से अपने गुरु को यहां लाने को कहा।
तांत्रिक के गुरु ने अशोक से कहा कि ‘पांच-पांच ग्राम सोना चांदी से उपचार नहीं होने वाला, कम से कम 500-500 ग्राम सोना-चांदी से तंत्र साधना करनी पडे़गी।
अशोक इसके लिए राजी हो गया और 500-500 ग्राम सोना-चांदी व अन्य सामग्री लाकर तांत्रिक को दे दी। उसने भी तीन दिनों तक अशोक की मां को गले तक गढ्ढे में दबाए रखा और फिर मौका पाकर अपने चेलों संग सारा सोना-चांदी व सामान लेकर चंपत हो गया।
थाना प्रभारी अनिल कुंडू ने बताया कि अशोक कुमार पुत्र दुर्गा दास अग्रवाल ने पुलिस में इस बारे में शिकायत दी तो पुलिस ने तांत्रिक व उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तांत्रिक का जो पता बताया गया, वह वहां नहीं रहता।