सिरसा। प्रेसवार्ता करते हुए संस्था के सदस्य। संवाद
सिरसा। श्री ब्राह्मण सभा रजिस्टर्ड सिरसा की एक मीटिंग में वर्तमान कार्यकारिणी को भंग करने का दावा किया गया है। यह निर्णय सभा के संविधान के अनुच्छेद 50 के अनुसार सभी सदस्यों की सहमति से लिया गया। दयानंद शर्मा ने इस दौरान समाज की एकता और निष्पक्ष चुनाव की मांग पर जोर दिया।
दयानंद शर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि सभा के पोर्टल पर कुल 27 सदस्य पंजीकृत हैं। इनमें से 5 सदस्यों की मृत्यु हो चुकी है और बिशंबर शर्मा ने इस्तीफा दे दिया है। एक सदस्य राजिंद्र शर्मा बाहर रहते हैं और सभा की किसी मीटिंग में शामिल नहीं हुए।
उन्होंने कहा कि खुद को प्रधान घोषित करने वाले अर्जुन शर्मा के पास मात्र तीन सदस्य हैं। इससे मीटिंग का कोरम पूरा नहीं होता जिससे प्रधान पद के चयन पर सवाल उठता है। दयानंद शर्मा का उद्देश्य समाज को एक मंच पर लाकर उसका उत्थान करना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्वार्थी लोग समाज को तोड़ने का काम कर रहे हैं। ब्राह्मण समाज में आपसी भाईचारा और एकता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने सदस्यों से आपसी मतभेद भुलाकर समाज के हित में एकजुट होने की अपील की।
कार्यकारिणी भंग और सदस्य स्थिति : मीटिंग में पूर्व अध्यक्ष एसएन पारीक, शमशेर शर्मा, अशोक उपाध्याय और दलीप दाधिच मौजूद थे। दयानंद शर्मा के अनुसार, पंजीकृत 27 सदस्यों में से 5 मृत हैं। संवाद