संवाद न्यूज एजेंसी
ओढां। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ की कमी व अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों ने रोष प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने जनता अधिकार मोर्चा के राष्ट्रीय प्रभारी करनैल सिंह ओढां की अगुवाई में अस्पताल के कार्यवाहक एसएमओ को मांग पत्र सौंपा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर समस्या का शीघ्र ही समाधान नहीं हुआ तो वे सीएचसी में धरना लगा देंगे।
रोष व्यक्त कर रहे नंबरदार सुखपाल सिंह, पूर्व सरपंच लीलू बैनीवाल, सुरेंद्र टोनी, मीता सिंह, काला सिंह, राज सिंह, गुरचरण कौर, सोमा कौर, मंजीत कौर व छिंद्र कौर आदि ने बताया कि सरकार एक तरफ तो सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने का दम भर रही है, तो वहीं दूसरी तरफ न तो अस्पतालों में स्टाफ है और न ही पर्याप्त सुविधाएं। ऐसे में लोगों को मजबूरन निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। करनैल सिंह ओढां ने कहा कि सीएचसी ओढां के अधीनस्थ तीन पीएचसी केंद्र व करीब 30 गांव पड़ते हैं। अस्पताल में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में एक्स-रे मशीन तो है, लेकिन रेडियोग्राफर न होने की वजह से उक्त मशीन पिछले करीब 10 वर्षों से कबाड़ बनकर रह गई है। एक्स-रे करवाने के लिए लोगों को निजी अस्पतालों में अधिक पैसे देने पड़ते हैं। अस्पताल में महिला चिकित्सक न होने की वजह से महिलाओं को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में कई बार प्रसव पीड़िता को रेफर करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि उक्त सीएचसी क्षेत्र का मुख्य स्वास्थ्य केंद्र होने के चलते यहां पर पर्याप्त सुविधाएं होनी चाहिए, लेकिन बार-बार अवगत करवाए जाने के बाद भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। इस मौके पर कार्यवाहक एसएमओ डॉ. सुमित जैन ने लोगों की सुनने के बाद कहा कि उनकी जो भी मांग है वो उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दी जाएंगी। ग्रामीणों ने कहा कि अगर सरकार ने इस ओर शीघ्र ही ध्यान नहीं दिया तो जनता अधिकार मोर्चा की ओर से आस-पड़ोस के गांवों के लोगों को साथ लेकर सीएचसी में धरना लगाया जाएगा।
वर्जन
लोगों की स्टाफ व अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित कुछ मांगे हैं। महिला चिकित्सक की नियुक्ति न होने से परेशानी तो आ रही है। नियुक्ति करना उच्चाधिकारियों का काम है। ग्रामीणों ने जो मांग पत्र सौंपा है, वह उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा। - डॉ. सुमित जैन, कार्यवाहक एसएमओ (सीएचसी ओढां)।