फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirsa News: दूसरे राज्य से 1800 रुपये में धान खरीदकर सरकार को 2300 में बेच रहे शेलर संचालक

Sun, 13 Oct 2024 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
विज्ञापन
कालांवाली की अनाजमंडी में धरने पर बैठे मजदूर।   संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


कालांवाली। पंजाब के साथ लगती कालांवाली की अनाज मंडी में धान खरीद हमेशा से विवादों में रही है। आढ़तियों से लेकर अधिकारियों पर निरंतर आरोप लगते रहे हैं। इस बार धान का रकबा ज्यादा होने के साथ खरीद में हेराफेरी की आशंकाएं ज्यादा बढ़ गई है। खरीद में गड़बड़ी के आरोप में मजदूर धरने पर बैठे हैं।

मजदूर यूनियन के प्रधान मुकेश कुमार, प्रधान केवल, सुखदेव डाबला, रमेश, सूरजभान, चन सिंह, सन्नी, सोमनाथ, चांदी राम व अन्यों आरोप लगाते हुए कहा कि मंडी में धान की खरीद सरकार व एजेंसियों की जगह पर शेलर संचालकों के द्वारा की जाती है। शेलर संचालक राजस्थान या अन्य राज्यों से 1600 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल से धान खरीदकर आगे सरकार को करीब 2300 रुपये में बेचकर सीधे तौर पर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
विज्ञापन


इतना ही नहीं, मंडी में किसानों से भी नमी के नाम पर 2 से 10 किलोग्राम तक की काट काटी जा रही है। इस बारे में कई बार उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जब तक हमारी मांगे नहीं मानी जाएगी, हमारा धरना जारी रहेगा। सरकार से मांग है कि मंडी खरीद की ईमानदार अधिकारियों से जांच करवाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
विज्ञापन


ये मुुद्दे उठाए
1.किस किसान ने धान का कितना पंजीकरण करवाया हुआ है। उसका भौतिक सत्यापन हो।

2.आढ़ती के पास किस किसान का माल आया है और उसके धान के रकबे की जांच हो।

3.धान को बोरियां में सफाई के साथ भरा गया है या नहीं उसकी जांच हो।

4. हलके के कुछ धान के रकबा कितना है। उसमें से कितना प्रतिशत आ चुका है। उसका खरीदे गए धान के साथ

मिलना हो।

हम मजदूरों की समस्याओं को दूर करने का काम कर रहे हैं। उनकी जो मांग है, उस पर पहले ही कह दिया गया था कि आगे इस पर उचित कार्रवाई की जाएगी। मैं अपने स्तर पर इस मामले को देख रहा हूं। - राहुल कुंडू, डीईएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें