चेक बाउंस मामले में जनवरी 2021 को हुई थी आठ माह कैद, 4 साल बाद मिली आरोप से मुक्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चेक बाउंस के एक मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई आठ माह कैद की सजा को एडिशनल सेशन कोर्ट ने रद्द कर आरोपी को बरी कर दिया है। आरोपी रामधन निवासी गांव गंगा को डबवाली सब डिविजनल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट विनय शर्मा ने 30 जनवरी 2021 को सजा सुनाई थी। इसके बाद 2 मार्च 2021 को रामधन ने सेशन कोर्ट में अपील दायर कर दी।
सुनवाई के दौरान डिस्ट्रिक्ट प्राइमरी को-ऑपरेटिव एग्रीकल्चरल एंड रूरल डेवलपमेंट बैंक लिमिटेड सिरसा, ब्रांच मंडी डबवाली के मैनेजर कुलदीप गोदारा ने कोर्ट को बताया कि आरोपी से सेटलमेंट की पूरी रकम प्राप्त हो गई है। दोनों पक्षों में समझौता हो चुका है। उन्होंने कहा कि बैंक को कोई आपत्ति नहीं है।आरोपी को मामले से बरी किया जाए। 23 फरवरी 2026 को एडिशनल सेशन जज राजन वालिया ने मामले का निपटारा करते हुए ट्रायल कोर्ट की सजा को रद्द कर अपीलकर्ता रामधन को आरोपों से मुक्त कर दिया।
बैंक से 5 लाख रुपये का लोन लिया था
मामले के अनुसार, रामधन ने 5 जुलाई 2016 को बैंक से अंडरग्राउंड पाइप लाइन के लिए 5 लाख रुपये का लोन लिया था, जिसे ब्याज सहित किस्तों में चुकाना था। 11 अप्रैल 2018 को उन्होंने बैंक के नाम एक लाख 75 हजार रुपये का चेक जारी किया, जो 12 अप्रैल को बाउंस हो गया। बैंक ने पहले नोटिस जारी किया, लेकिन कोई समाधान नहीं होने पर कोर्ट में मामला दायर किया गया।