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अलग गुरुद्वारा कमेटी के विरोध में गरजे सिख

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हरियाणा में अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की घोषणा के रोषस्वरूप मंगलवार को सिखों ने शहर में रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करते हुए सिखों ने लघु सचिवालय में पहुंचकर केंद्रीय गृह मंत्री को संबोधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपकर अलग कमेटी न बनने देने की मांग की। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ के नेतृत्व में सिखों ने नारेबाजी कर इसे सिखों को बांटने की साजिश करार दिया है। तीन दिन पहले कैथल में सीएम ने अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने की घोषणा की थी, जिस पर एसजीपीसी खफा है।
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मंगलवार को जिलेभर से आए सिख सूरतगढ़िया बाजार स्थित गुरुद्वारा श्री दशमी पातशाही में एकतित्र हुए, जहां पर उन्हें शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ और अन्य ने संबोधित किया। इसके बाद सिख संगत वाहनों पर सवार होकर लघु सचिवालय पहुंची, जहां पर रोष प्रदर्शन किया। इसके बाद में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष प्रकाश सिंह साहुवाला के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिला, जिन्हें केंद्रीय गृहमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर एसजीपीसी सदस्य जगसीर सिंह मांगेआना, शेर सिंह रोड़ी, बलकौर सिंह कालांवाली, सोहन सिंह बडागुढां, शेर सिंह मैनेजर, हरवंश सिंह कालांवाली, सोहन सिंह जंडवाला, अवतार सिंह मल्हान, गुरजंट सिंह नीलियांवाली और कश्मीर सिंह करीवालाआदि शामिल थे। प्रकाश सिंह साहुवाला ने कहा कि कांग्रेस सिखों को बांटने का प्रयास कर रही है। इस मुद्दे पर कांग्रेस को वोट भी मिलने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का झूठ सामने आ चुका है।

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मक्कड़ ने दी चेतावनी
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने हरियाणा में अलग गुरुद्वारा कमेटी बनाने की घोषणा पर कांग्रेस व एचएसजीपीसी को आड़े हाथों लिया और साफ चेतावनी दी है कि उसे बख्शा नहीं जाएगा। मंगलवार को गुरुद्वारा श्री दशमी पातशाही परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सुप्रीम पॉवर है, जिसका आदेश सर्वोपरि होता है। हरियाणा में अलग कमेटी के नाम पर सिखों का बंटवारा श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती है, ऐसे में सिखों को बांटने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा में अलग कमेटी की घोषणा के विरोध में रोष प्रदर्शन कर केंद्रीय गृह मंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा और इसमें केंद्र से हस्तक्षेप करने की मांग की जाएगी।

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार अपनी मर्जी से कमेटी का गठन नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि जिसने श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती दी है या उससे अलग जाकर काम किया है तो उसे सजा भुगतनी पड़ी है। महाराजा रणजीत सिंह को कोडे़ मारने की सजा मिली, बूटा सिंह, सुरजीत सिंह बरनाला और ज्ञानी जैल सिंह तक को सजा मिली। दर्शन सिंह रागी को पंथ से बाहर निकाला गया। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि पंथ को बांटने वालों का बुरा हश्र हुआ है। उन्होंने कहा है कि अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के संदर्भ में हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा की ओर से 2007 में एक लाख 15 हजार शपथपत्र दिए जाने संबंधी बयान आया और बाद में उन्होंने कहा कि अब ढाई लाख शपथपत्र हैं।

मक्कड़ ने आरोप लगाया कि किसी सिख ने शपथपत्र दिया ही नहीं, घर बैठकर ये तैयार किए गए। मक्कड़ ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अलग कमेटी संबंधी बिल लाना गलत है और केंद्र सरकार को हस्तक्षेप कर इस पर अंकुश लगाना चाहिए। उन्होंने कहा हरियाणा में शैक्षणिक एवं दूसरी सुविधाओं पर खर्च को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी संजीदा है। 2006 में प्रकाश सिंह बादल ने स्वयं शाहाबाद में मीरी-पीरी मेडिकल कालेज की नींव रखी। 150 करोड़ से यह परियोजना पूरी होनी थी। हरियाणा सरकार ने सीएलयू के नाम पर गतिरोध डाल दिया।

ऐसा ही धमतान साहिब में बनने वाले स्कूल और जींद में बनने वाले बहुतकनीकी कॉलेज के मामले में हुआ। मक्कड़ ने कहा कि 1920 में अकाल तख्त पर ही अरदास करके शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का गठन किया गया था। ऐसे में इस कमेटी के बंटवारे का कदम उठाना एक तरह से अकाल तख्त को चुनौती है। उन्होंने कहा कि बुधवार को करनाल में रोष प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर एसजीपीसी सदस्य बलकौर सिंह, जगसीर सिंह, शेर सिंह, प्रकाश सिंह साहुवाला, शरणजीत सिंह, जोगेंद्र सिंह अहरवां, नछत्र सिंह और गुरदेव कौर आदि मौजूद थे।
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