सरसों की खरीद को लेकर मंडी में आने वाले किसानों की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। किसानों द्वारा मेरी फसल मेरा ब्योरा में पंजीकृत एकड़ के आधार पर फसल के टोकन नहीं मिल रहे। मुख्यालय मेरी फसल मेरा ब्यौरा में पंजीकृत किसानों की सूची को सही करने के लिए लगा हुआ है। मुख्यालय पंजीकृत किसानों की दूसरी सूची एक मई को तैयार करेगा। जिसके आधार पर पंजीकृत किसानों की रही हुई सरसों की खरीद की जाएगी। ऐसे में पहले कम फसल बेच चुके किसानों को अब 13 दिन तक पूरी फसल बेचने का इंतजार करना पड़ेगा।
सिरसा मंडी में प्रतिदिन 100 किसानों को खरीद के लिए बुलाया जा रहा है। शनिवार को 93 किसानों को टोकन दिया गया। बीते शुक्रवार को किसानों की संख्या 80 थी। मंडी में प्रतिदिन 100 किसानों को ही बुलाया जा रहा है लेकिन मंडी में खरीद का मैसेज देरी से मिलने और मैसेज की जानकारी न होने के कारण लोग फसल लाने से वंचित रह रहे हैं। मुख्यालय द्वारा 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक पंजीकृत किसानों की सूची जारी की हुई है। पोर्टल पर पंजीकृत एकड़ से कम की खरीद सूची जारी कर मुख्यालय ने किसानों को दुविधा में डाल दिया है। किसान सरसों बेचने के लिए मंडी आते हैं लेकिन मंडी में उन्हें पंजीकृत फसल से कम खरीद का गेट पास दिया जा रहा है, गेट पास से अतिरिक्त सरसों को उसे वापस लेकर जाना पड़ता है। किसान रघुबीर, महेंद्र सिंह और कुलदीप ने बताया कि पंजीकृत फसल के आधार पर खरीद नहीं की जा रही। खरीद के लिए पंजीकृत फसल से कम का गेट पास दिया जा रहा है। जब मार्केट कर्मचारियों से बची हुई फसल की खरीद का पूछा जाता है तो वह स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे।
मैपिंग के कारण हो रहे आढ़ती औरर किसान परेशान
मेरी फसल मेरा ब्योरा में पंजीकरण करवाने के लिए आढ़ती परेशान हो रहे हैं। आढ़तियों द्वारा किसानों को अपने अनुसार जिस मंडी में बुलाना है, पोर्टल पर अपडेट करना है। लेकिन पोर्टल में खराबी होने के कारण एक तो अपडेट नहीं हो रहा है, दूसरा किसानों का आधार कार्ड से अटैच मोबाइल नंबर बदलने के कारण उसे अपडेट नहीं किया जा रहा।
मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल सही प्रकार से काम नहीं कर रहा है। जिसके कारण पंजीकृत डाटा के आधार पर गेट पास जारी नहीं हो रहे हैं। मुख्यालय द्वारा इसे अपडेट किया जा रहा है। एक मई को दोबारा लिस्ट जारी होगी, जिसमें रह गए किसानों की फसल खरीद के लिए नंबर आएगा।
- विकास सेतिया, मर्केट सचिव सिरस।