शिक्षा निदेशालय के बार-बार बदलते आदेशों के चलते सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मिलने वाले मिड डे मील के आवंटन में देरी हो रही है। शिक्षा निदेशालय ने लॉकडाउन के चलते स्कूली बच्चों को 90 दिन का मिड डे मील राशन वितरण करने के आदेश आए थे। शिक्षा निदेशालय के बार-बार बदलते आदेशों के चलते स्कूल इंचार्ज भी राशन आवंटन नहीं कर पा रहे हैं। साथ ही स्कूलों के पास 90 दिन के मिड डे मील राशन का स्टॉक पूरा उपलब्ध नहीं है।
शिक्षा निदेशालय के मिड डे मील को लेकर जारी आदेश सिरे नहीं चढ़ा रहे, जिसके चलते 10 दिन के अंदर ही दो बार आदेशों को बदलना पड़ा। शिक्षा निदेशालय ने 14 जुलाई को पत्र जारी करते हुए जुलाई से अक्टूबर तक के 90 दिनों को राशन वितरण करने के आदेश दिए थे। आदेशों के साथ ही मिड डे मील सामग्री में भी बदलाव करते हुए गेहूं की जगह फोर्टिफाइड आटा देने के आदेश दिए गए थे। लेकिन गेहूं की कितनी मात्रा के बदले मिलना था यह बात स्पष्ट नहीं की गई। साथ ही गेहूं के बदले आटा देना था लेकिन जिले के स्कूलों में दूसरे क्वार्टर यानी जून से अगस्त तक की गेहूूं का स्टॉक जमा था।
जिसके चलते शिक्षा विभाग ने शिक्षा निदेशालय को पत्र लिख स्कूलों में जमा गेहूं के स्टॉक के बारे में अवगत करवाया। शिक्षा निदेशलय का 21 जुलाई को एक और पत्र जारी करता है जिसमें आदेश आते हैं कि हेफैड द्वारा जब तक फोर्टिफाइड आटा जारी नहीं किया जाता है तब तक गेहूं की पूर्व की भांति जारी रखी जाए। शिक्षा निदेशालय के बार-बार मिड डे मील के आदेशों को बदले जाने को लेकर जुलाई माह का मिड डे मील अभी तक आवंटन नहीं किया जा सका। बता दें कि जिले के करीब 95 हजार विद्यार्थियों को मिड डे मील का लाभ पहुंच रहा है। स्कूल अध्यापकों द्वारा मिड डे मील सामग्री के पैकेट तैयार कर बच्चों को आवंटन किया जा रहा है। जिसमें 90 दिनों के प्राइमरी कक्षा तक के बच्चों को 9 किलोग्राम व अपर प्राइमरी बच्चों के लिए 13 किलो 500 ग्राम सामग्री के पैकेट वितरण किए जाएंगे।
नहीं है 90 दिन का पूरा स्टॉक
शिक्षा निदेशालय ने जुलाई से अक्टूबर माह तक के 90 दिनों का मिड डे मील एक साथ पैकेट बनाकर बांटने के आदेश दिए थे। लेकिन विभाग के पास के दो माह जुलाई और अगस्त का राशन की उपलब्ध है। विभाग द्वारा साल के तीसरे क्वार्टर यानी सितंबर से नवंबर तक के राशन की डिमांड की गई है।
कोट्स
स्कूलों को मिड डे मील राशन वितरण करने के आदेश जारी कर दिए गए है। शिक्षा निदेशालय द्वारा आदेश में बदलाव व स्पष्ट न होने के कारण आवंटन में देरी हुई है। मुख्यालय से तीसरे क्वाटर के राशन की डिमांड भेजी गई है।
- संजय मोंगा, कार्यक्रम अधिकारी, मिड डे मील।