संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। रंगड़ी रोड स्थित आरा पर कार्य करने वाले मिस्त्रियों व मजदूरों ने सोमवार को काम का बहिष्कार कर नारेबाजी की। मजदूरों का कहना है कि आरा मालिक उनसे बहुत ज्यादा काम लेते हैं और ओवर टाइम तक नहीं देते। मालिकों की ओर से रविवार को भी छुट्टी नहीं दी जाती, जिससे मजदूर काफी परेशान हो चुके हैं। मजूदरों ने 8 घंटे ड्यूटी टाइम करवाने सहित अन्य पुरानी मांगों को पूरा करने की मांग उठाई।
श्री विश्वकर्मा टिंबर मर्चेंट आरा मशीन सोशल वेलफेयर ट्रस्ट के प्रधान बृजमोहन बंसल ने मजूदरों से बातचीत की और उनकी मांगों को पूरा कराने के लिए दो दिन का समय मांगा हैं, लेकिन मजदूरों ने कहा कि जब तक उनका ड्यूटी टाइम 8 घंटे नहीं हो जाती, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।
गुरु गोबिंद सिंह आरा मजदूर यूनियन के बैनर तले काम छोड़ हड़ताल पर बैठे बलवंत सिंह नंबरदार, कालू राम मिस्त्री, दर्शन सिंह, मंगा सिंह, भोला सिंह व गुरदयाल सिंह सहित अन्य मजदूरों ने कहा कि आरा मालिकों की ओर से उनसे 10 से 12 घंटे काम करवाया जा रहा है और रविवार को भी उन्हें छुट्टी नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांगे 8 घंटे की ड्यूटी करने और शनिवार को खर्चा देने के बाद रविवार को छुट्टी रखने की है। उन्होंने कहा कि गरीब मजदूरों को कुछ एडवांस भुगतान देकर उनको बंदी बनाकर काम कराया जाता है।
इन मांगों कोके जिउ
गुरु गोबिंद सिंह आरा मजदूर यूनियन से जुड़े मजदूरों ने ड्यूटी टाइम सुबह 9 से शाम 6 बजे तक करने और दोपहर को एक घंटे का लंच के लिए समय देने की मांग उठाई। रविवार को पूरे दिन की छुट्टी रखने की मांग की। काम करते समय किसी लेबर को चोट लगती है तो उसकी भरपाई आरा मशीन मालिक करें। सभी लेबर को उनका खर्चा शनिवार शाम को दिए जाने, 31 तारीख को अलग से दिहाड़ी देने, जो मजदूर लगातार एक साल तक एक आरा मशीन पर काम करता है उसका वेतन बढ़ाने व लेबर का बीमा कराने सहित अन्य मांगें रखीं ।
आरा मालिक बोले- सभी मजदूरों ने 50 हजार से एक लाख रुपये तक ले रखे हैं एंडवास, मर्जी से काम पर आते हैं
श्री विश्वकर्मा टिंबर मर्चेंट आरा मशीन सोशल वेलफेयर ट्रस्ट के प्रधान बृजमोहन बंसल, गुरमीत सिंह, महेंद्रपाल, अर्जुन सिंह, कुलदीप गर्ग आदि ने मजदूरों के बंदी बनाकर काम कराने के आरोप को सिरे से नकारते हुए कहा कि बंधुआ तो आरा मशीन मालिक है मजदूरों के। सभी मजदूरों ने मशीन मालिकों से एडवांस में 50 हजार से एक लाख रुपये तक ले रखे हैं। सभी अपनी मर्जी से काम पर आते हैं। मजदूरों के काम पर नहीं आने के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि उनकी मशीनें रविवार को भी चालू रहती है। इसके बदले में सप्ताह में एक दिन और महीने की चार छुट्टी मजदूरों को दी जा रही है।