सिरसा। गांव केलनियां स्थित जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सीवरेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) के संचालन और रखरखाव को अब निजी एजेंसी के हवाले करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए विभाग की ओर से निविदा (टेंडर) जारी कर दी गई है।
एसटीपी से सीवरेज के दूषित पानी को शुद्ध (ट्रीट) करके आसपास के गांवों के खेतों तक पहुंचाया जाएगा जिससे किसानों को नहरी पानी या ट्यूबवेल पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और उन्हें फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिलता है।
योजना के अनुसार चयनित एजेंसी को तीन वर्ष तक एसटीपी के संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी। एजेंसी सीवरेज के पानी का निर्धारित मानकों के अनुसार शोधन करने के साथ संयंत्र की मशीनरी, मोटर, बिजली व्यवस्था और अन्य उपकरणों के रखरखाव का कार्य भी संभालेगी।
विभाग का मानना है कि निजी एजेंसी के माध्यम से संचालन होने से एसटीपी की निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी और तकनीकी खामियों का समय पर समाधान हो सकेगा। इससे संयंत्र की कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
1.45 करोड़ रुपये से सुधरेंगी व्यवस्थाएं
केलनियां एसटीपी को बेहतर स्थिति में लाने के लिए विभाग करीब एक करोड़ 45 लाख रुपये खर्च कर रहा है। इस राशि से खराब और पुरानी मशीनरी की मरम्मत, मोटरों के सुधार, बिजली एवं प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य तकनीकी कार्य करवाए जाएंगे। विभाग की योजना है कि आवश्यक सुधार कार्य पूरे होने के बाद एजेंसी को संयंत्र का संचालन सौंप दिया जाए। इससे सीवरेज पानी के शोधन की प्रक्रिया नियमित बनी रहेगी और तकनीकी समस्याओं के कारण व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी।
कृषि व सब्जी उत्पादन के लिए बेहद अहम है शोधित जल
केलनियां एसटीपी का सुचारु संचालन स्थानीय किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां से शोधित पानी का उपयोग आसपास के कई गांवों में सिंचाई के लिए किया जाता है। विशेषकर इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती होती है, जो सिरसा शहर की मंडी में पहुंचकर स्थानीय माँग को पूरा करती है। एसटीपी के नियमित चलने से जहां किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलता रहेगा। वहीं सीवरेज के पानी का भी सही निस्तारण हो सकेगा।
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तीन साल तक एजेंसी की रहेगी जिम्मेदारी
विभाग की ओर से जारी निविदा के अनुसार चयनित एजेंसी को तीन वर्ष की अवधि के लिए एसटीपी की जिम्मेदारी दी जाएगी। एजेंसी को संयंत्र की नियमित सफाई, मशीनों की देखभाल, आवश्यक दवाइयों के माध्यम से पानी का शोधन, मोटरों की देखरेख और तकनीकी व्यवस्था को सुचारु रखने का काम करना होगा। विभाग की ओर से किए जा रहे सुधार कार्य और इसके बाद निजी एजेंसी को संचालन सौंपने की योजना का उद्देश्य एसटीपी की क्षमता और कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना है। यदि व्यवस्था निर्धारित योजना के अनुसार लागू होती है तो सीवरेज के पानी का नियमित शोधन होने के साथ किसानों को भी शोधित पानी का लाभ मिलता रहेगा।
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एसटीपी के संचालन और रखरखाव को बेहतर बनाने के लिए एजेंसी को टेंडर दिया जाएगा। एजेंसी आधुनिक तकनीक और निर्धारित मानकों के अनुसार एसटीपी का संचालन करेगी। इससे नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित होगी और पानी का बेहतर तरीके से ट्रीटमेंट किया जा सकेगा। साथ ही एसटीपी के रखरखाव की जिम्मेदारी भी संबंधित एजेंसी की होगी। - रूपराम नांदल, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग