फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirsa News: संघ के स्थापना दिवस पर गूंजे राष्ट्रभक्ति के स्वर, दो उपनगरों में निकले पथ संचलन

Sun, 25 Oct 2026 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
विज्ञापन
विज्ञापन
वाल्मीकि और भगवान गौतमबुद्ध उपनगर में शस्त्र पूजन के साथ मनाया 101वां स्थापना दिवस
विज्ञापन

फोटो 6

संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने रविवार को अपना 101वां स्थापना दिवस मनाया। इस उपलक्ष्य में शहर के बाल्मीकि और भगवान गौतमबुद्ध उपनगरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में भाग लिया।
पारंपरिक शस्त्र पूजन के बाद राष्ट्रभक्ति के गीतों और संबोधनों का आयोजन हुआ। दोनों उपनगरों में कार्यक्रमों के समापन के बाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग पथ संचलन निकाले गए। वाल्मीकि उपनगर का कार्यक्रम स्थानीय आर्य स्कूल के प्रांगण में आयोजित हुआ।
विज्ञापन

इसमें प्रमुख समाजसेवी भुवन भास्कर खेमका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में व्याप्त अनुशासन की प्रशंसा की। खेमका ने कहा कि ऐसा अनुशासन विश्व के किसी अन्य संगठन में देखने को नहीं मिलता।
उन्होंने प्रत्येक हिंदू के लिए शास्त्र और शस्त्र दोनों की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपनगर कार्यवाह हर्ष मरोदिया ने की। उन्होंने स्वयंसेवकों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।
संघ का उद्देश्य
मुख्य वक्ता नगर कार्यवाह कर्मवीर ने संघ की 101 वर्ष की यात्रा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि संघ की स्थापना हिंदू समाज में व्यक्ति निर्माण के उद्देश्य से हुई थी। इसका लक्ष्य समाज और राष्ट्र को शक्तिशाली व विकसित बनाना है। संघ मुख्य रूप से व्यक्ति निर्माण, हिंदू समाज को संगठित करने और भारत को परम वैभव तक पहुंचाने के तीन उद्देश्यों पर कार्य करता है। कर्मवीर ने स्वयंसेवकों से सामाजिक समरसता के माध्यम से हिंदू समाज को संगठित करने का आह्वान किया। उन्होंने देश को वैभवशाली बनाने के लिए भी प्रेरित किया।
भगवान गौतमबुद्ध उपनगर में समारोह
रविवार सुबह भगवान गौतमबुद्ध उपनगर के स्वयंसेवकों ने नेहरू पार्क में स्थापना दिवस मनाया। यहां भी सैकड़ों स्वयंसेवकों ने पारंपरिक शस्त्र पूजन किया। चौधरी देवीलाल गौशाला के महासचिव एवं प्रमुख समाजसेवी धर्मपाल मेहता मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने अपने दादाजी के हवाले से बताया कि वर्ष 1947 में देश विभाजन के समय संघ ने हजारों हिंदुओं को बचाया था। ये हिंदू पाकिस्तान क्षेत्र से अत्याचारों से बचकर सुरक्षित भारत पहुंचे थे। मेहता ने कहा कि संघ हिंदू समाज को संगठित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।
विज्ञापन

राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सैनिक एवं उपनगर कार्यवाह कृष्ण कुमार ने की। मुख्य वक्ता नगर संपर्क प्रमुख प्रो. गोपाल शर्मा ने डॉ. हेडगेवार के दृष्टिकोण को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने हिंदू समाज को संगठित करने के लिए संघ की स्थापना की थी। इसका एक उद्देश्य देश को दोबारा गुलाम होने से बचाना भी था। संघ का लक्ष्य व्यक्ति, समाज और राष्ट्र को शक्तिशाली बनाना है। दोनों कार्यक्रमों में राष्ट्रभक्ति के गीत गाए गए। बैंड की धुन पर अनुशासित ढंग से आगे बढ़ते स्वयंसेवकों का नागरिकों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें