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48 घंटे बाद भी संदीप का नहीं मिला सुराग, पूर्णचंद ने भी शाम को तोड़ा दम

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गांव नटार में बुधवार को सीवरेज लाइन में गिरे किसान संदीप उर्फ काला का तीसरे दिन शुक्रवार को भी पता नहीं लगा। ऐसे में 48 घंटों के बाद भी संदीप का पता नहीं लग गया। वहीं शुक्रवार शाम को हिसार में भर्ती पूर्णचंद ने भी दम तोड़ दिया। शाम को ही उसका शव पहले गांव में लाया गया फिर उसे पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में ले जाया गया। वहीं वीरवार रात को सेना ने अपना बचाव कार्य बंद कर दिया।
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सेना के बाद शुक्रवार सुबह साढ़े तीन बजे बठिंडा से इंस्पेक्टर राहुल प्रताप सिंह के नेतृत्व में एनडीआरएफ की 12 सदस्यीय टीम पहुंची। टीम ने आते ही ने मोर्चा संभाल लिया। एनडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने जिस मेन होल में संदीप गिरा था वहां से लेकर आगे पांच मेन होल में अपने रेस्क्यू कर्मचारी को एक, एक करके आक्सीजन सिलेंडर के साथ उतारा। लेकिन मैनहोल में जहरीली गैसों की मात्रा इतनी अधिक थी कि बचाव कर्मी ज्यादा समय तक उसमें ठहर नहीं सकते। बचाव कर्मी ने सीवरेज में जाकर कस्सी से खुदाई भी की लेकिन नहीं पता चला। प्रशासन ने सिरसा से उन्हें प्राकृति हवा भी सिलिंडर में भरवाकर उपलब्ध करवाया। वहीं दूसरी ओर जन स्वास्थ्य विभाग का पूरा अमला बचाव कार्य में जुटा हुआ है। प्राइवेट ठेकेदार भी अपने कर्मचारियों को लाकर तलाश कर रहे हैं। सीवरेज की 56 इंच पाइप लाइन में लोहे के शिकंजे बनाकर उन्हें डालकर एक सीवरेज होल से दूसरे सीवरेज होल की ओर खींचा जा रहा है ताकि कहीं संदीप फंसा हो तो आगे निकल सके।
11 सदस्यीय कमेटी का गठन
रात को किसान संदीप के परिवार की महिलाओं की प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कुछ गहमागहमी हो गई थी। वहीं ग्रामीणों की भी आपस में गहमागहमी हुई। बचाव कार्यों में आ रही दिक्कतों को लेकर प्रशासन ने लोगों को समझाया। इसके बाद 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया जो कि प्रशासन के साथ घटना स्थल पर काम करेंगी और वहीं मौके पर रहेगी। बाकी ग्रामीणों को घटनास्थल से दूर रहने की हिदायतें दी गई।
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हिसार के अस्पताल में पूर्णचंद ने तोड़ा दम
किसान पूर्णचंद को बुधवार रात को ही ग्रामीणों ने रस्से से निकाल लिया था। उसे रात करीब नौ बजे अस्पताल में भर्ती करवाया था लेकिन शुक्रवार को उसने हिसार के अस्पताल में दम तोड़ दिया। इसके बाद उसके शव को शाम को गांव में उसके निवास स्थान पर लाया गया। एसडीएम जयवीर यादव ने ग्रामीणों को समझाया कि वे उसका पोस्टमार्टम करवाए। इसके बाद पारिवारिक सदस्य व ग्रामीण मान गए और शाम को उसका शव पोस्टमार्टम के लिए सिरसा सिविल अस्पताल में लाया गया। सुरक्षा की दृष्टि से गांव में पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए। पूर्णचंद की दो बेटियां और एक बेटा है।
ये था मामला
बुधवार रात साढ़े सात बजे गांव नटार निवासी संदीप उर्फ काला और पूर्णचंद खेतों में सिंचाई कर रहे थे। संदीप ने सीवरेज के मैनहोल में पंप लगाकर पानी खेतों को लगाया जा रहा था। इसी दौरान पाइप लाइन में पानी कम होने पर संदीप सीवरेज टैंक में उतर गया। गैस चढ़ने से वह बेसुध होकर नीचे गिर गया। उसे निकालने के लिए पूर्णचंद भी सीवरेज होल में दाखिल हो गया लेकिन वह भी बाहर आते आते सीढ़ियों पर बेसुध होकर लुढ़क गया। ग्रामीणों ने रस्सा डाल कर उसे बाहर निकाला। पूर्णचंद ने शुक्रवार को हिसार में दम तोड़ दिया। जबकि संदीप 48 घंटे बाद भी संदीप का कुछ पता नहीं लगा।
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