लंपी वायरस से पशुओं को बचाने के लिए वैक्सीन लगाते सदस्य ।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। लंपी वायरस अब तेजी से जिले के पशुओं में फैलता जा रहा है। ऐसे में अब पशुपालन विभाग की ओर से जिले के अलग-अलग स्थानों पर वायरस से संक्रमित 12 पशुओं के सैंपल भरे गए हैं। इन सैंपलों को जांच के लिए भोपाल में स्थित लैब में भेजा जाएगा।
वहीं लंपी वायरस का सबसे ज्यादा असर डबवाली और कालांवाली के क्षेत्रों में है। इन क्षेत्रों के पशुओं में लगातार लंपी वायरस फैल रहा है। जिले में अब तक इस वायरस की चपेट में 628 पशु आ चुके हैं। हालांकि अभी तक करीब 10 से 12 पशुओं की मौत हुई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी तक क्षेत्र में पशुओं का लंपी वायरस से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान नहीं चलाया गया है। जिसके कारण पशुपालक देसी दवाओं व नुस्खों के सहारे अपने पशुओं का उपचार कर रहे हैं। हालांकि जिन पशुओं की मौत हुई है, उनका विभाग की ओर से पोस्टमार्टम किया जा रहा है।
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जिले में अभी इस वायरस से संक्रमित मिले पशु डबवाली और कालांवाली क्षेत्र में सबसे अधिक हैं। गोशालाओं में वायरस की चपेट में आने वाली गायों की स्थिति खराब हो रही है। जिसके कारण गोशाला संचालकों और पशुपालकों की परेशानी अधिक बढ़ गई है। गोशाला संचालकों ने बाहर से गायों को लेना भी अब बंद कर दिया है। ताकि संक्रमण अधिक न फैल सके।
साफ सफाई, मच्छर और मक्खी से पशुओं का बचाव करें पालक : उपनिदेशक
वहीं पशुपालन विभाग के उपनिदेशक विद्यासागर ने बताया कि वायरस से बचाव के लिए पशुपालक और गोशाला संचालक संक्रमित पशुओं से स्वस्थ पशु को दूर रखें। पशुओं के नीचे से साफ सफाई करे और सुखा रखे। मच्छरों और मक्खियों से पशुओं का बचाव करे। मच्छर और मक्खियों के कारण वायरस तेजी से फैल रहा है। इसके लिए अब सैंपल भरवाए गए हैं। जिन्हें भोपाल लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा।