सिरसा। बारिश और चोपटा क्षेत्र में सेम नाला टूटने के कारण खराब हुई फसलों का आंकड़ा अभी विभाग नहीं जुटा पाया है। कई क्षेत्रों में अभी तक भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बारिश और सेमनाला टूटने के कारण काफी क्षेत्रों में फसल 100 फीसदी खराब हो चुकी है। चोपटा क्षेत्र के ही करीब 20 गांवों की 30 हजार एकड़ फसल इससे प्रभावित हो चुकी है। हालांकि उपायुक्त ने भी माना है कि फसलों की गिरदावरी प्रक्रिया जारी है और अभी तक 700 एकड़ में फसल खराब हुई है।
वहीं सोमवार को चढूनी संगठन के किसानों ने खराब हुई फसल की स्पेशल गिरदावरी करवाने और जलभराव होेने से गिरे मकानों के नुकसान का मुआवजा देने के लिए उपायुक्त अजय सिंह तोमर को मांग पत्र सौंपा है।
सोमवार को लघु सचिवालय में चढूनी ग्रुप के जिला प्रधान सिकंदर सिंह रोड़ी की अध्यक्षता में किसान एकत्र हुए। किसानों ने उपायुक्त को मांग पत्र सौंपते हुए कहा कि जिले में अधिक बारिश होने के कारण किसानों को फसल पूरी तरह से तबाह हो चुकी है। अभी भी गांवों और खेतों में जलभराव है। जिसकी निकासी तक विभाग की ओर से नहीं करवाई गई है। कई गांवों में तो किसानों और ग्रामीणों ने खुद बोरवेल में या फिर इंजन व पंखा लगाकर गांव के पानी को बाहर निकाला है। जिससे किसानों ही इसका पूरा खर्च उठाना पड़ा है। बारिश के कारण लोगों के मकान, शौचालय और दीवारों में भी दरार आ गई है। जिसका नुकसान उक्त लोगों को उठाना पड़ रहा है। वहीं किसानों ने खराब हुई फसलों की स्पेशल गिरदावरी करवाने, मकानों के गिरने व दीवारें आने पर उन्हें मुआवजा देने की मांग की है। इस मौके पर जसकरण सिंह कंग, हरिवंद्र थिंद एडवोकेट, भूपेंद्र सिंह वैदवाला, जसप्रीत सिंह संतावाली व डॉ. मलुक सिंह आदि उपस्थित रहे।
फसलों में अभी भी है जलभराव की स्थिति, चोपटा क्षेत्र में फसल है अधिक प्रभावित
बारिश और चोपटा क्षेत्र में सेमनाला टूटने के कारण किसानों फसलें पूरी तरह से प्रभावित हो चुकी हैं। चोपटा क्षेत्र के ही करीब 20 गांवों की 30 हजार एकड़ फसल इससे प्रभावित हो चुकी है। हालांकि इस क्षेत्र में अभी भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जिसका नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। ऐसे में फसलों की बिजाई का सीजन निकल जाने के कारण किसान किसी अन्य फसल की बिजाई भी नहीं कर सकते। जिसके कारण किसानों पर दोहरी मार पड़ी है। सिरसा, डबवाली कालांवाली, डिंग सहित अन्य स्थानों पर भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विभाग को आदेश देने के बाद भी नहीं हुआ स्थिति में सुधार
करीब एक सप्ताह पहले उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने पंचायत अधिकारियों को गांवों से 24 घंटे में जल की निकासी करवाने के आदेश दिए थे। लेकिन अभी तक गांवों की स्थिति काफी खराब है। अधिकारियों की ओर से गांव के ही लोगों को अपने स्तर पर पंखे लगाने की बात कही गई थी और खर्च पंचायत विभाग की ओर से दिए जाने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन इसके बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हो पाया है। गांवों में जलभराव होने के कारण मच्छर और मक्खी पैदा हो रहे हैं। जिसके कारण बुखार और अन्य कई प्रकार की बीमारियां भी फैल रही हैं।
वर्जन
बारिश के कारण खराब हुई फसल की गिरदावरी करवाई जा रही है। जिसमें अभी तक करीब 700 एकड़ फसल खराब होना पाया गया है। हालांकि अभी गिरदावरी करवाने की प्रक्रिया चल रही है। स्पेशल गिरदावरी करवाने को लेकर अभी तक सरकार से आदेश प्राप्त नहीं हुई हैं। निर्देश मिलने के बाद खराब फसलों की स्पेशल गिरदावरी करवाना शुरू कर दिया जाएगा।
-अजय सिंह तोमर, उपायुक्त, सिरसा।
खेत में जमा पानी और खड़ी फसल । संवाद- फोटो : Sirsa