राजनीतिक दृष्टि से अहम माने जाने वाला डबवाली हलका शिक्षा के क्षेत्र में इस कद्र पिछड़ा है कि प्राथमिक पाठशाला में पढ़ने वाले बच्चों को भी स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाती। प्राथमिक पाठशालाओं में जहां छतों से पानी टपकता है, वहीं कक्षाएं कमरों के भीतर नहीं, बल्कि पेड़ों के नीचे लगती हैं। शिक्षा हब के दावों को कॉलोनी रोड पर स्थित प्राथमिक पाठशाला तो पूरी तरह से नकारती है।
इस पाठशाला में पहली से पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 366 है, जबकि कमरों की संख्या मात्र छह है। बच्चों को संख्या के मद्देनजर 10 सेक्शन बनाए गए हैं। इस प्रकार कमरों में महज छह सेक्शन के बच्चे ही बैठते हैं, जबकि शेष चार सेक्शन के बच्चों को बरामदे या खेल के मैदान में बैठकर शिक्षा लेनी पड़ती है। इसी पाठशाला के प्रथम तल पर मिडिल स्कूल चल रहा है। कक्षा छह और आठवीं तक की तीन कक्षाओं में कुल 249 विद्यार्थी हैं। यहां भी अधिकांश बच्चों को बरामदों में बैठकर शिक्षा लेनी पड़ती है। इस स्कूल की छतों से पानी टपकता है। बारिश के दिनों में यहां इतना पानी जमा हो जाता है कि छुट्टी की नौबत आ जाती है। इतना ही नहीं, छठी और आठवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए मिड-डे मील छत पर पेड़ के नीचे पकता है। शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी कई बार पाठशाला का निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन यहां व्याप्त अव्यवस्थाओं को देखकर भी अनदेखा कर दिया गया है।
जगह की कमी
इस पाठशाला में प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिला अध्यक्ष शेषपाल भी कार्यरत हैं। उनका कहना है कि पाठशाला के पास जगह की कमी है। बच्चों की संख्या काफी ज्यादा है। भवन में एक-साथ दो पाठशालाएं चल रही हैं। इससे पाठशाला में अव्यवस्था बनी रहती है। उन्होंने सरकार से और कमरों की मांग की है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत नहीं मिले कमरे
राजकीय प्राथमिक पाठशाला नंबर तीन में बच्चों की संख्या ज्यादा होने और कमरों की संख्या कम होने की वजह से दिक्कतें आ रही हैं। पिछले वर्ष सर्व शिक्षा अभियान के तहत खंड डबवाली में एक कमरे का भी निर्माण नहीं हुआ। इस बार डिमांड बनाकर भेजी जाएगी। जैसे ही राशि मिलेगी, कॉलोनी रोठ स्थित पाठशाला में जगह देखकर कमरों का निर्माण करवाया जाएगा।
- संत कुमार, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, डबवाली