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अध्यापकों की कमी के विरोध में स्कूल पर जड़ा ताला

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कोटली स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में स्टाफ की कमी को पूरा नहीं किए जाने के रोषस्वरूप शुक्रवार को स्कूल प्रबंधन कमेटी, ग्राम पंचायत और अभिभावकों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। मौके पर कोई भी अधिकारी ग्रामीणों की समस्या सुनने नहीं पहुंचा। भड़के लोगों ने विभागीय अधिकारियों और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व स्कूल इंचार्ज रेखा के कार्यकाल में हुए स्कूली कामकाज की भी जांच की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में स्कूली कामकाज में काफी धांधली बरती है। करीब आधे घंटे तक तालाबंदी रही। बाद में प्रदर्शनकारियों ने स्वयं ताला खोल दिया।
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प्रदर्शन में शामिल एसएमसी प्रधान चंद्रभान, दलबीर, राजकुमार मेहता, वेद प्रकाश, टेकचंद, अंगूरी, राजो, बिमला, पंच राजकुमार, हेमराज, महेंद्र, राज बाला, राजेश, सुनीता सहित अन्य ने बताया कि यह स्कूल 2007 में अपग्रेड हुआ था, लेकिन तभी से स्टाफ की कमी बनी हुई है। स्कूल में 210 विद्यार्थी पढ़ते हैं लेकिन स्टाफ के रूप में केवल संस्कृत व साइंस के ही अध्यापक ही हैं। गत दिवस ही प्रतिनियुक्ति पर एक गणित की अध्यापिका को भेजा गया है। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में हिंदी, अंग्रेजी, एसएस विषय के अध्यापक गत एक वर्ष से नहीं हैं, जिस कारण विद्यार्थी स्कूल तो जाते हैं, लेकिन बिना पढ़ाई किए ही लौट आते हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई खराब हो रही है। स्टाफ की कमी को पूरा करने के लिए वे कई बार उपायुक्त, जिला शिक्षा अधिकारी और बीईओ से मिल चुके हैं लेकिन न तो शिक्षिका के कार्यकाल में घपलों की जांच के लिए कोई प्रयास किया गया और न ही स्टाफ की कमी को दूर किया गया। बार-बार चक्कर काटने से परेशान होने के बाद अंत में अब स्कूल की तालाबंदी का निर्णय लिया है।

उन्होंने बताया कि स्कूल की चहारदीवारी के निर्माण का 15 लाख रुपये का फंड आठ जनवरी को बीईओ के पास आया था लेकिन दो माह तक उस फंड की राशि को नहीं निकलवाया गया, जिस कारण स्कूल की चहारदीवारी नहीं बन पा रही। इतना ही नहीं स्कूल में विद्यार्थियों के लिए न तो शौचालय हैं और न ही पीने के लिए स्वच्छ पानी की सुविधा। गांव के सरपंच लीलूराम हंस ने कहा कि स्टाफ की कमी के कारण ग्रामीणों ने तालाबंदी की थी और उन्होंने प्रशासन से समस्या के समाधान की मांग की है।
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शिक्षिका ने आरोपों को बताया निराधार
शिक्षिका रेखा ने कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं, क्योंकि सभी कार्यों की विभागीय जांच चल रही है। शीघ्र ही दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।
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