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Sirsa News: कष्ट निवारण समिति की बैठक में हंगामा, आईओ के नहीं हटाने से नाराज ग्रामीण बाहर निकले

Sat, 06 Jul 2024 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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गांव कालुआना के लोग कष्ट निवारण समिति की बेठक से नाराज होकर जाते हुए
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सिरसा। कष्ट निवारण समिति की बैठक में शुक्रवार को गांव कालुआना के ग्रामीणों और युवाओं पर पेड़ काटने का मामला दर्ज करने पर जमकर हंगामा हुआ। भाजपा नेता राज्य कृषि विपणन बोर्ड परिषद के अध्यक्ष आदित्य चौटाला ने ग्रामीणों का समर्थन किया और अधिकारियों व मंत्री के साथ बहस की। इस दौरान करीब 20 मिनट तक हंगामा हुआ। पांच दिनों में पूरे मामले की जांच करवाने के आदेश पर राज्य मंत्री बिशंबर सिंह से ग्रामीण नाराज नजर आए और सभागार से बाहर चले गए। हालांकि इस दौरान मंत्री ने चौकी प्रभारी को हटाने के आदेश भी जारी कर दिए।
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पंचायत भवन में आयोजित कष्ट निवारण समिति की यह इस साल की पहली बैठक थी। बैठक की अध्यक्षता राज्यमंत्री सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, एससी एवं बीसी कल्याण राज्य मंत्री बिशंबर सिंह ने की। अहम बात यह रही कि बैठक में पुराने मामलों को ही सुनवाई के लिए रखा गया। ऐसे में 12 में से 7 शिकायतों का निपटान हुआ। गांव कालुआना के ग्रामीणों ने कहा कि गांव में एक साल पहले अवैध रूप से पेड़ों का काटा गया था। पूर्व बैठक में मंत्री जेपी दलाल ने वन दरोगा को सस्पेंड करने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद शिकायतकर्ताओं पर ही मामले दर्ज कर लिए गए। वह भी दो साल पुरानी वीडियो के आधार पर। एफआइआर दर्ज करने से गांव के 20 बच्चों का भविष्य खराब हो जाएगा। राज्यमंत्री ने कहा कि मैंने मामला पढ़ा है। गांववालों के साथ गलत हुआ है। आईओ को सस्पेंड किया जाए और चौकी इंचार्ज को हटाया जाए। इस पर एसपी विक्रांत भूषण ने कहा कि अभी एसपी नए आए हैं। इन्हें एक बार जांच करने के लिए पांच दिन का वक्त दिया जाना चाहिए। राज्यमंत्री ने कहा कि कष्ट निवारण समिति के दो सदस्य सतीश कुमार और चेयरमैन देवी कुमार मामले की जांच करेंगे। इस पर आदित्य चौटाला ने अपना विरोध जाता दिया। उन्होंने कहा कि कमेटी बनाकर जांच करना सही नहीं है। एक साल से ग्रामीण भटक रहे हैं और शिकायतकर्ताओं को आपने मुजरिम बना दिया है। जमानत लेकर बाहर आए हुए है, ये लोग। इन्हें न्याय मिलना चाहिए।
क्या आपको कमेटी सदस्यों पर यकीन नहीं

राज्यमंत्री ने कहा कि आपको दोनों सदस्यों पर यकीन नहीं है। चौटाला ने कहा, हां यकीन नहीं है। इस मामले में आप न्याय करें। ऐसे में डीसी आरके सिंह ने कहा कि मामला बीडीपीओ ने दर्ज करवाया है। इन्होंने आज तक कोई शिकायत नहीं दी। आदित्य चौटाला बोले, मंत्री जेपी दलाल ने वन दरोगा को सस्पेंड करने के आदेश दिए थे। क्या उन्होंने गलत आदेश दिए थे। यहीलोग शिकायतकर्ता है। ग्रामीणों ने कहा कि हमारी कोई नहीं सुनता है। ऐसे में आपसे न्याय की क्या उम्मीद करें। इस पर डीसी ने कहा कि आप ऐसी भाषा का प्रयोग न करें। एसपी विक्रांत भूषण ने कहा कि आप थोड़ा विश्वास रखो। पांच दिन का समय दो। चौटाला ने कहा कि 8 माह से न्याय नहीं मिला। पांच दिन में कैसे मिल जाएगा। ग्रामीणों ने कहा कि आप हमें एक दिन बता दो। फिर मंत्री जी नहीं आएंगे और चुनाव हो जाएंगे। राज्यमंत्री ने कहा कि वह कहीं विदेश से नहीं आए है। पांच दिन बाद जरूर आएंगे। ग्रामीणों ने कहा कि हमारे ऊपर बड़े स्तर पर दबाव आएगा। क्या पता हमारा गांव निकाला हो जाएगा। आप सभी को सस्पेंड कर निष्पक्ष जांच करवा लो। दोषी नहीं पाए जाते हैं. तो उन्हें बहाल कर देना।
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खेत से मिट्टी उठान से हुए नुकसान की करें भरपाई
समिति की बैठक में अनूप सिंह निवासी बुढाभाणा ने शिकायत रखी कि विभाग की ओर से उनके खेत से मिट्टी उठाई गई थी। उनके खेत में हुए नुकसान के अनुरूप उसे मुआवजा राशि नहीं दी गई। इस पर राज्य मंत्री ने समिति के दो सदस्यों की कमेटी गठित कर मिट्टी उठान से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए। समिति सदस्यों के साथ तहसीलदार को भी शामिल करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार गांव मोचीवाली निवासी रघुवीर सिंह ने फसल बीमा क्लेम न मिलने की शिकायत रखी। रघुवीर ने कहा कि उसकी जमीन गांव मोचीवाली में पड़ती है और अधिकारियों ने उसे भावदीन में दर्शाया दिया है। राज्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 15 दिन में किसान को फसल बीमा क्लेम की राशि दी जाए। इसके लिए बैंक व कृषि अधिकारी आपसी तालमेल कर समस्या का समाधान करें।
मुकदमे से निर्दोषों को निकाला जाए
राज्यमंत्री के समक्ष निर्मला देवी निवासी रानियां ने शिकायत रखी कि वे लंबे समय से दुकान की रजिस्ट्री करवाने के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। एनडीसी नहीं मिल रही है। मंत्री ने निर्देश दिए कि डीएम व्यक्तिगत रूप से मुख्यालय जाकर समस्या का समाधान करे। एक अन्य शिकायत में रामपुरा बिश्रोईयां निवासी बिहारी लाल ने कहा कि झगड़े के मामले में उनके परिवार के सदस्यों को झूठा फंसाया गया है। राज्य मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी निर्दोष है, उनके पर्चे से नाम हटाए जाएं। बैठक में 12 शिकायतें रखी गई। राज्य मंत्री ने सभी पर सुनवाई करते हुए 7 का मौके पर ही निपटान कर दिया, जबकि 5 शिकायतों के समाधान बारे अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधीक्षक को नशा को लेकर प्रभावी कार्रवाई बारे दिशा-निर्देश दिए। बैठक में उपायुक्त आरके सिंह, पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण, डबवाली पुलिस अधीक्षक दीप्ति गर्ग, जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र बैनीवाल, विधायक गोबिंद कांडा, भूपेश महता आदि मौजूद रहे।
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