सिरसा के गांवों में अब घर-घर पहुंचेगी कचरा उठाने की व्यवस्था
7500 से अधिक आबादी वाले गांवों में शुरू होगा ठोस कचरा प्रबंधन अभियान, पंचायतों को दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने के लिए ठोस कचरा प्रबंधन की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब 7500 से अधिक आबादी वाले गांवों में घर-घर से कचरा संग्रहण की व्यवस्था लागू होगी। जिला परिषद महाग्रामों और पात्र ग्राम पंचायतों में कचरा उठाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली, चालक और कचरा संग्रहणकर्ता की व्यवस्था करेगी।
अधिकारियों के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य केवल कचरा उठाना नहीं है। इसका लक्ष्य गांवों में कचरे का सही पृथक्करण, वैज्ञानिक प्रबंधन और सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित करना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी। गांवों को साफ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद मिलेगी।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल ने बताया। उन्होंने योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश जिले के सभी पात्र महाग्रामों एवं ग्राम पंचायतों को दिए गए हैं।
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों, पंचायत सचिवों और सरपंचों को भी निर्देश मिले हैं। संबंधित अधिकारी सुनिश्चित करें कि कचरा संग्रहण व्यवस्था जल्द शुरू हो। ग्रामीणों को इसका पूरा लाभ मिले। कचरे के संग्रहण से लेकर उसके परिवहन और निस्तारण तक की पूरी प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जाएगी।
ग्रामीणों की भूमिका और पंचायतों की जिम्मेदारी
अर्पित संगल ने कहा कि किसी भी गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए प्रशासन के साथ ग्रामीणों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे घरों से निकलने वाले कचरे को निर्धारित स्थान पर दें। साथ ही, गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की आदत अपनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम पंचायतों को अपने क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर लागू करना होगा।
लापरवाही पर कार्रवाई और सामूहिक प्रयास
योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या निर्देशों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अर्पित संगल ने सभी संबंधित विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। इसका उद्देश्य सिरसा जिले के गांवों को स्वच्छ, स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त बनाना है।