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Sirsa News: सिविल अस्पताल के सामने ग्रीन बेल्ट में डंपिंग शुरू

Sun, 18 Jan 2026 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा। ग्रीन बेल्ट में कचरा लेकर जाते हुए गाड़़ी। संवाद
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- आमजन व वाहनों को परेशानी न हो, इसलिए बनेगी चहारदीवारी
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- सांसद से लेकर विधायक तक ग्रीन बेल्ट में डंपिंग पॉइंट खत्म करने की कर चुके हैं मांग
- बड़े स्तर पर डाली जा रही है गंदगी, बाद में मिट्टी डालकर दबाया जा रहा मलबा

- पूर्व निकायमंत्री ने ग्रीन बेल्ट के सुंदरीकरण का बनवाया था प्रोजेक्ट, अधर में लटका
फोटो - 16,17

संवाद न्यूज एजेंसी

सिरसा। शहर के डंपिंग पॉइंटों को समाप्त करने की योजना में नगर परिषद को अब तक स्थायी समाधान नहीं मिल पाया है। इसी कारण सिविल अस्पताल के सामने की ग्रीन बेल्ट को अस्थायी डंपिंग पॉइंट के रूप में उपयोग किया जा रहा है।
नगर परिषद को 10 किलोमीटर के दायरे में एक मुख्य डंपिंग पॉइंट आवंटित करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से समस्या का समाधान न होने के कारण विभागीय अधिकारियों को बार-बार मजबूरन ग्रीन बेल्ट में कचरा डंप करना पड़ रहा है। वहीं, अब इस कचरे के कारण आसपास का माहौल खराब न हो, इसलिए ग्रीन बेल्ट के चारों ओर प्री कास्ट दीवार बनाने का टेंडर लगाया गया है।
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ग्रीन बेल्ट के डंपिंग पॉइंट का निरीक्षण किया गया तो जेसीबी मशीन से उठान का कार्य जारी था। कर्मचारी बता रहे हैं कि नई सब्जीमंडी के पास का मुख्य डंपिंग पॉइंट बंद कर दिया गया है, क्योंकि विधायक बार-बार हटाने के निर्देश दे रहे थे। वर्तमान में इस स्थान पर चार बड़े डंपर और तीन से चार ट्राॅलियां कचरा लाती हैं। यहां सिविल अस्पताल और आसपास के बाजारों का भी कचरा आता है। ग्रीन बेल्ट से कचरा नियमित रूप से उठाया जाता है, लेकिन स्थायी व्यवस्था न होने के कारण बारिश के दौरान यहां कचरा डालना संभव नहीं है।
कर्मचारी दे रहे सुझाव, टेंडर लगाने से भी गुरेज कर रहे अधिकारी
कर्मचारियों का सुझाव है कि ग्रीन बेल्ट में बेहतर व्यवस्था की जा सकती है। रानियां बाईपास की ओर ग्रीन बेल्ट चार से पांच फीट नीचे है। यदि पिलर लगाकर एक प्लेटफार्म बनाया जाए तो गाड़ियों से सीधे ट्रालियों या डंपरों में कचरा डाला जा सकता है। टाटा एस में जैक सिस्टम होने के कारण कचरा आसानी से उठाया जा सकता है, जिससे नीचे कचरा डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी और सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। हैरानी की बात है कि कम पढ़े-लिखे कर्मचारी जहां बेहतर व्यवस्था बनाने की बात कर रहे हैं। वहीं, इंजीनियरिंग विंग के अधिकारी टेंडर लगाने से भी गुरेज कर रहे हैं। तर्क दे रहे हैं कि लिफ्ट वाला सिस्टम नहीं तैयार किया जा सकता है। जबकि प्रदेश के अंबाला जैसे शहर में यह व्यवस्था चल रही है।
14 करोड़ का बनाया था प्रोजेक्ट
तत्कालीन निकायमंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने वर्ष 2025 में सिरसा का निरीक्षण करते हुए सिविल अस्पताल के सामने ग्रीन बेल्ट को विकसित करने की योजना बनाई थी। अधिकारियों ने 14 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया था, जिसमें ग्रीन बेल्ट के साथ मुख्य रोड को मॉडल रोड बनाने का प्रस्ताव था। लेकिन विधानसभा चुनावों के दौरान यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इससे ग्रीन बेल्ट का विकास कार्य रुका हुआ है।
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कोटस
नगर परिषद के सीएसआई जयवीर सिंह ने बताया कि ग्रीन बेल्ट में अस्थायी डंपिंग की व्यवस्था की गई है। आमजन को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए इसे अपनाया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही स्थायी समाधान निकाला जाएगा। ग्रीन बेल्ट की प्री कास्ट चहारदीवारी का टेंडर लगाया गया है।
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