सोमवार को आरटीए विभाग में छापामारी के बाद मंगलवार को विभागीय कर्मचारी नौ बजे से पहले ही कार्यालय खोल कर बैठ गए। कर्मचारी साढ़े आठ बजे ही पहुंच गए। वहीं छापेमारी के बाद चंडीगढ़ मुख्यालय ने सहायक आरटीए व एक अन्य कर्मचारी को पूरे कागजात के साथ तलब किया है। दोनों कर्मचारी मंगलवार को चंडीगढ़ रवाना हो गए।
मंगलवार को सभी कर्मचारी अपने समय से पहले आकर काम करने लग गए। सुबह कर्मचारी अपने कार्यालय के समय नौ बजे से करीब 30 मिनट पहले ही पहुंच गए थे। वहीं कर्मचारी आते ही अपने काम में जुट गए। इसके साथ ही लोग अपना काम करवाने भी पहुंच गए। आरटीए कार्यालय में पहुंचे रामकुमार ने बताया कि वह अपना लाइसेंस रिन्यू करवाने आया था और आते ही उसका काम हो गया। रामकुमार ने बताया कि जब वह कार्यालय में आया तो उस समय कर्मचारी आए हुए थे और अपना काम कर रहे थे। जिससे उन्हें परेशानी नहीं हुई। आरटीए कार्यालय में फाइल जमा करवाने के लिए जो खिड़की खुलती है उसका समय 11 बजे का है। लेकिन बीते दिन सोमवार को हुई छापेमारी के कारण फाइल जमा करवाने की खिड़की मंगलवार को नौ बजे ही खुल गई।
दो कर्मचारियों को किया चंडीगढ़ तलब
बीते दिन सीएम फ्लाइंग तथा सीआईडी की टीम ने आरटीए कार्यालय में सुबह छापा मारा था, जिस दौरान आरटीए कार्यालय में सुबह तक दो तथा दोपहर तक केवल पांच ही कर्मचारी कार्यालय में मौजूद हो पाए। आरटीए विभाग के दो कर्मचारी असिस्टेंट आरटीए प्रदीप कुमार और कर्मचारी वीरेंद्र अपना पूरा रिकॉर्ड लेकर सुबह ही चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गए। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों का कहना है कि वह बीते शनिवार तथा रविवार को दिन रात चालान काटने में व्यस्त थे, जिस कारण उन्हें सोमवार सुबह कार्यालय में आने से देरी हो गई। कर्मचारियों ने बताया कि उनके सभी कर्मचारी हाईवे पर चालान काटने के लिए गए हुए थे।
चालान काटने गए कर्मचारी, लॉगबुक और गाड़ी बस स्टेंड में भूले
कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों का तर्क है कि जब वह हाईवे पर वाहनों की जांच करते हैं तो उस समय भारी वाहनों पर रहने वाले कारिंदों को पता लग जाता है कि वह चेकिंग के लिए खड़े हैं। जिससे उनकी चेकिंग हो नहीं पाती। इसके अलावा गाड़ी में तेल भी रोडवेज डिपो से डाला जाता है तो वह शाम करीब साढ़े सात बजे गाड़ी बस स्टेंड में ही छोड़ कर आ गए थे। आरटीए कर्मचारियों ने कहा कि बीते दो दिन शनिवार तथा रविवार को 26 वाहनों के सात लाख 76 हजार 600 रुपये के चालान काटे थे। कर्मचारियों ने बताया कि बीते दो दिन वह दिन रात हाईवे पर ही चालान काटते रहे। इसके साथ ही आरटीए की टीम प्रतिदिन भारी वाहनों के चालान करती रहती है।
मैं रोड सेफ्टी की बैठक में भाग लेने के लिए चंडीगढ़ आया हूं, बीते दिन की छापेमारी का मुद्दा नहीं है।
- प्रदीप कुमार, सहायक आरटीए, सिरसा।