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भ्रष्टाचार को लेकर सीएम फलाइंग व सीआईडी ने आरटीओ कार्यालय में मारी रेड, 17 में से 15 कर्मचारी गैर हाजिर मिले

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आरटीए कार्यालय में रिकॉर्ड जांचते सीआईडी इंस्पेक्टर जोगिंद्र नागपाल, बलबीर सिंह, दिनेश कुमार। - फोटो : Sirsa
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शहर में सोमवार सुबह सीएम फलाइंग व सीआईडी की टीम ने आरटीए कार्यालय पर छापा मारा। कर्मचारियों की लेटलतीफी इसी बात से जाहिर होती है कि सुबह नौ बजे सीएम फ्लाइंग व सीआईडी की टीम को ही कार्यालय के गेट खोलने पड़े। इसके बाद भी कार्यालय में दोपहर तक केवल पांच ही कर्मचारी मौजूद हो पाए। टीम ने दोपहर बाद दो बिना परिमट के चल रही बसों के चालान काटे। जबकि दो बसों को चालक भगा ले जाने में कामयाब हो गए।
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सिरसा स्थित आरटीओ कार्यालय पर छापेमारी को लेकर सीएम फ्लाइंग व सीआईडी की तैयारियां अल सुबह दो बजे से शुरू हो गई थी। दोनों टीमों को लीड कर रहे सीआईडी इंस्पेक्टर जोगिंद्र नागपाल अपनी टीम के साथ सिरसा स्थित आरटीओ कार्यालय में सुबह आठ बजकर 57 मिनट पर पहुंच गए। पूरी टीम ने नौ बजने के साथ ही कार्यालय में पहुंच गई। जब टीम अंदर गई तो उस समय केवल एक अस्थाई कर्मचारी तथा एक चपड़ासी मौजूद था। जिसके बाद टीम के सदस्यों ने सहायक आरटीओ प्रदीप कुमार को फोन किया, लेकिन उनका फोन बंद मिला। वहीं अन्य कर्मचारी में से किसी ने भी टीम का फोन नहीं उठाया और करीब 12 बजे तक इंतजार करने के बाद केवल पांच ही कर्मचारी कार्यालय में हाजिर हो पाए। जबकि कार्यालय में कुल 17 कर्मचारी काम करते हैं। जिनमें से आठ कर्मचारी स्थाई है तथा बाकि नौ कर्मचारी अस्थाई तौर पर कार्यरत है। टीम ने हाजिरी रजिस्टर अपने कब्जे में ले लिया। वहीं कार्यालय में सीसीटीवी बंद मिले।
इसी दौरान अपने काम के लिये आरटीओ कार्यालय पहुंचे लोगों ने कर्मचारियों के भ्रष्टाचार की शिकायतें दीं। करीब 25 से 30 लोगों ने अपने मोबाइल नंबर व अन्य जानकारी टीम को दी। लोगों ने बताया कि आरटीए कार्यालय की खिड़की नौ बजे खुलनी होती है, लेकिन कर्मचारी साढ़े 11 बजे के बाद ही इसे खोलते हैं। लोगों ने बताया कि कर्मचारी दलालों के माध्यम से काम करवाने का दबाव डालते हैं। यदि खुद फाइल लेकर जाते हैं तो काम ही नहीं होता। सीआईडी ने दलालों के नाम भी नोट कर लिए।
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आरटीए की गाड़ी कहीं, चाबी कही
सीएम फ्लाइंग व सीआईडी की टीम ने आरटीए विभाग की गाड़ी पूछी, पता चला कि गाड़ी बस स्टैंड पर खड़ी की हुई है। कर्मचारियों से गाड़ी की लॉगबुक दिखाने को बोला और गाड़ी लेकर आए। कर्मचारी गाड़ी को लेकर आना कानी करने लगे और बोले कि उनके पास तो गाड़ी की चाबी ही नहीं है। जिसके बाद टीम का एक अधिकारी तथा एक कर्मचारी बस स्टैंड पहुंचे तो वहां पर आरटीओ कार्यालय का कर्मचारी टीम के सदस्यों की दूसरे लोगों से फोन पर बातें करवाता रहा, लेकिन गाड़ी की चाबी टीम को नहीं मिली। वहीं कुछ ही समय के बाद एक युवक वहां पर आया और बताया कि किसी युवक ने उसे एक चाबी दी है और कहा है कि अंदर कुछ लोग चाबी ढूंढ रहे हैं उन्हें यह चाबी दे दे। कोटली गांव के रहने वाले युवक हरमन सिंह ने बताया कि वह रोडवेज के ट्रेनिंग स्कूल में ड्राइविंग सीखता है। उसे बाहर कोई अनजान युवक चाबी देकर गया है कि वह चाबी अंदर दे दे। जिसके बाद टीम के अधिकारियों ने गाड़ी की तलाशी ली और गाड़ी की लॉगबुक अपने कब्जे में लेकर चले गए।
आरटीए की आंखों के सामने चलती रही गलत परमिट पर बसें
दोपहर बाद आरटीए के दो कर्मचारियों को लेकर सीआईडी की टीम ने भावदीन टोल प्लाजा पर नाका लगा लिया। टीम ने शेरपुर कोऑप्रेटिव सोसाइटी व अली मोहम्मद कोऑप्रेटिव सोसाइटी की बसों को रोककर उनसे परमिट दिखाने के लिए कहा। इन बसों का गांवों के रास्तों से होकर फतेहाबाद तक जाने का परमिट था। लेकिन बस संचालक आरटीए कर्मचारियों के साथ मिलीभगत करके सीधे ही नेशनल हाइवे पर बसें चला रहे थे। कभी भी आरटीए ने इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। सीआईडी ने दोनों बसों का चालान कर दिया। इस बात की सूचना दो अन्य बस संचालकों को लगी तो वे अपनी बसें भगा ले गए। लेकिन सीआईडी की टीम ने दोनों बसों के संचालकों की जानकारी जुटा ली।
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सीएम फ्लाइंग के साथ यह अभियान चलाया गया था। पूरी रिपोर्ट तैयार करके मुख्यालय में दी जाएगी।
-जोगिंद्र नागपाल, जिला इंस्पेक्टर, सीआईडी सिरसा।
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