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चोपटा फर्जी नलकूप मामला: किसानों ने डीसी और एसई के समक्ष रखा अपना पक्ष

Mon, 24 Apr 2017 11:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सिरसा
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chupta - फोटो : Bureau
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चोपटा क्षेत्र के गांव रूपवास के किसानों ने सोमवार को उपायुक्त और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन देकर कहा कि उन्होंने नलकूप कनेक्शन के लिएराशि जमा की है और निगम उनके कनेक्शन का फर्जी बताकर उन्हें ही दोषी ठहरा रहा है। किसानों ने मांग की है कि उनके साथ धोखाधड़ी करने वाले ठेकेदार व अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करवाकर कार्रवाई की जाए।
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गौरतलब हो कि अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में गांव रूपावास में विजिलेंस जांच में फर्जी ट्यूबवेल कनेक्शन का मामला उजागर हुआ था। किसानों का कहना है कि निगम अधिकारियों ने अब अपनी गलती मानने के बजाए किसानों पर ही फर्जी कनेक्शन के केस दर्ज करने के लिए कागजात बनाने शुरू कर दिए हैं। किसानों ने बताया कि जब उन्हें इसका पता चला तो उन्होंने चोपटा एसडीई रवि कुमार से मुलाकात की, जिसमें एसडीई ने कहा कि ऐसी गलतियां तो होती रहती हैं, जिसके बाद ग्रामीण सिरसा निगम के एक्सईएन एमएल सुखीजा से मिले और अपना पक्ष रखा।

किसानों ने बाद में लघुसचिवालय में पहुंचकर डीसी से मुलाकात की और ज्ञापन के माध्यम से अपना पक्ष रखा।  किसान देवीलाल, सुनील कुमार, बुधराम, उदयपाल, विनोद, छोटूराम, जगदीश, कृष्ण, नरेश, पृथ्वी, गोविंद आदि ने बताया कि उनके गांव में बिजली निगम की ओर से ट्यूबवेल कनेक्शन दिए गए थे। जिनके लिए उन्होंने ढाई लाख रुपये जमा किए थे जिसकी रसीदें भी उनके पास हैं। उन्होंने बताया कि नलकूप चालू होने के बाद जब कई माह तक बिल नहीं आया तो उन्होंने इसके बारे में ठेकेदार से पूछताछ की तो एक-दो दिन में बिल आने की बात कही। जब उन्होंने चोपटा निगम कार्यालय में जाकर पता किया तो उनका कोई लिखित में रिकॉर्ड ही नहीं था। इसी दौरान विजिलेंस को की गई शिकायत पर जांच में सभी कनेक्शन अवैध पाए गए। किसानों ने बताया कि उन्होंने तो पूरे नियमों के अनुसार सभी दस्तावेज तथा रकम बिजली निगम में जमा करवाई थी, पर अधिकारियों ने ही जानबूझकर ट्यूबवेलों को रिकॉर्ड में ही दर्ज नहीं किया और अब किसानों द्वारा फर्जी ट्यूबवेल कनेक्शन लिए जाने की बात कहकर उन पर ही कार्रवाई की बात कही जा रही है। किसानों ने बताया कि ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाने के लिए वे जमाल चौकी में गए थे, लेकिन चौकी प्रभारी ने बिजली निगम द्वारा शिकायत किए जाने पर ही मामला दर्ज करने की बात कही।
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