- नई बसें शामिल करने की मांग, डिपो में बैठक कर बनाई रणनीति
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा ने पांच और छह नवंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। इस दौरान रोडवेज बसों का चक्का जाम किया जाएगा। कर्मचारी संगठनों का दावा है कि करीब 20 हजार कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे।
वीरवार को सिरसा डिपो परिसर स्थित रोडवेज महासंघ कार्यालय में कर्मचारियों ने बैठक की। इसमें आंदोलन की रणनीति बनाई गई। कर्मचारी नेताओं ने सरकार पर लंबे समय से मांगें लागू न करने का आरोप लगाया।
रोडवेज के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग प्रमुखता से उठाई जा रही है। परिचालकों का पे-ग्रेड क्लर्क के समान करने की भी मांग की गई है। बसों का बेड़ा बढ़ाने और रिक्त पदों पर स्थायी भर्ती शुरू करने की मांग भी शामिल है।
कर्मचारियों ने इलेक्ट्रिक बसों और किलोमीटर स्कीम के ठेके रद करने की भी मांग की है।
प्रमुख मांगें और आश्वासन
परिचालकों को फिलहाल डी-ग्रुप के समान पे-ग्रेड दिया जा रहा है। उनकी मांग है कि इसे क्लर्क के बराबर किया जाए। चालक और परिचालक सहित सभी रिक्त पदों पर नियमित भर्ती की जाए। लंबित ओवरटाइम और अन्य बकाया राशि का भुगतान भी मांगा गया है। नेताओं के अनुसार, आठ सितंबर को परिवहन मंत्री के साथ वार्ता में जल्द कार्रवाई का आश्वासन मिला था, पर कोई कदम नहीं उठा।
कर्मचारियों को लामबंद किया जा रहा
कर्मचारियों ने 23 अक्तूबर को डिपो महाप्रबंधकों के माध्यम से सरकार को हड़ताल का नोटिस दिया था। अब प्रदेश के सभी डिपो में गेट मीटिंग कर कर्मचारियों को लामबंद किया जा रहा है। रोडवेज महासंघ यूनियन के प्रधान सुरेंद्र स्वामी ने हड़ताल को सफल बनाने की अपील की। कर्मचारियों ने दिवाली बोनस, 33 अर्जित अवकाश और 30 रुपये रात्रि भत्ता की भी मांग की है। बिना शर्त ओवरटाइम, चार घंटे की ड्यूटी पर एक रेस्ट और वॉशिंग भत्ता जैसे लाभ भी बहाल करने की मांग है।