बुधवार की हड़ताल में सिरसा में रोडवेज का चक्का जाम सफल रहा। जिले में केवल पांच ही बसें चली। हड़ताल को लेकर रात को करीब एक बजे ही पुलिस बल बस अड्डे पर तैनात कर दिया गया। रोडवेज कर्मचारियों ने एकता दिखाते हुए शाम तक केवल पांच बसों को ही बाहर जाने दिया। वहीं कुछ बसों को वापस भेज दिया गया तथा चालक व परिचालक पर स्याही भी फेंकी गई।
सिरसा डिपो में रोडवेज विभाग की 14 यूनियन हैं। जिसमें से बुधवार को 11 यूनियन हड़ताल पर रही। सिरसा डिपो से सुबह दो बजकर 20 मिनट पर पहली बस दिल्ली तथा चंडीगढ़ के लिए रवाना होती हैं। रात एक बजे ही डीएसपी आर्यन चौधरी तथा ड्यूटी मजिस्ट्रेट भागीरथ अपनी पूरी फोर्स के साथ बसे अड्डे पहुंचे। रात के दो बजकर 20 मिनट पर चंडीगढ़ के लिए रवाना होने वाली बस जब बस अड्डे से निकलने लगी तो यूनियन के सभी कर्मचारी बस के आगे आ गए और कोई छत पर तो कोई बस के सीसे पर लटकने लगा। बस चालक यह होता देख घबरा गया और बस को गेट के बीच में ही छोड़ कर वापस चला गया। जीएम के आदेशानुसार बस को वापस बस अड्डे में खड़ा कर दिया। करीब आधे घंटे के बाद अतिरिक्त पुलिस बल के साथ बस को दिल्ली तथा चंडीगढ़ जाने वाली दो बसों को निकाल दिया। वहीं कुछ ही दूरी तक पुलिस की गाड़ी साथ गई और बस को सुरक्षित शहर से बाहर निकाला।
विरोध के कारण बसों को वापस भेजा
सिरसा से सुबह दिल्ली के लिए चली बस डिंग मोड़ ही पहुंची थी कि यूनियन की ओर से विरोध होता देख चालक ने बस को वापिस मोड़ लिया। जिसके कुछ समय बाद बस अड्डे में वापस आ गई। डबवाली डिपो से चार बजकर 30 मिनट पर हरिद्वार के लिए चलने वाली बस जब चौराहे पर पहुंची तो सभी कर्मचारी बस के आगे आ गए और नारेबाजी करने लगे। जिसके बाद बस को वापस भेज दिया गया।
चोपटा में युवक ने ड्राइवर पर पोत दी स्याही
जब सिरसा डिपो में भादरा की ओर जाने वाली बस को निकाला गया तो सभी कर्मचारी बस के आगे आ गए, लेकिन पुलिस ने सभी कर्मचारियों को पीछे करते हुए बस को निकाल दिया। जब यह बस नाथूसरी चोपटा पहुंची तो वहां पर एक युवक जो चोपटा सीएचसी में आउटसोर्सिंग के तहत वार्ड ब्वाय के तौर पर कार्यरत है उसने बस चालक के मुंह पर यह कहते हुए कालिख पोत दी कि हड़ताल के बावजूद बस क्यों चलाई। युवक भागने लगा तो बस में मौजूद चालक तथा परिचालक ने युवक का पीछा कर खेतों में जाकर पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
सवारियों को हुई परेशानी, नहीं थी हड़ताल की कोई खबर
बुजुर्ग जीतो ने बताया कि वह डबवाली से आई है और भूना जाना है, लेकिन यहां पर कोई सुविधा नहीं है। जिससे उनको परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रानियां से आई इंद्रो बाई ने बताया कि वह निजी बस में आई है और उसमें बहुत ज्यादा भीड़ थी, आगे कुरुक्षेत्र के लिए सिरसा से कोई सुविधा नहीं है। अगर उन्हें पहले हड़ताल का पता होता तो वह आज आते ही नहीं।
59 चालक तथा 58 परिचालक रहे उपस्थित
सिरसा डिपो में कुल 759 कर्मचारी कार्यरत हैं। जिनमें से 346 कर्मचारी हड़ताल पर, 284 हाजिर, पांच गैर हाजिर, 85 रेस्ट पर तथा 39 कर्मचारी छुट्टी पर रहे।
आउटसोर्सिंग कर्मचारी बाहर करते रहे इंतजार
कुछ युवक जीएम के कार्यालय के बाहर खड़े प्रतीक्षा कर रहे थे कि कब उन्हें आदेश मिले और वह बस लेकर जाए। ये युवक पिछली हड़ताल में डेली बेस पर बसें चला चुके हैं। युवाओं ने बताया कि उन्होंने पहले जब हड़ताल हुई तो उस समय रोडवेज में सेवाएं दी थीं। जिसका उन्हें प्रशंसा पत्र दिया गया था। इस बार भी वे प्रतिक्षा कर रहे थे कि उन्हें आदेश मिले और बस लेकर जाएं।
इन विभागों के कर्मचारी रहे हड़ताल पर
विभाग, कुल कर्मचारी, हड़ताल पर रहे, मौजूद रहे
बिजली,1559, 589, 970
आईटीआई कॉलेज ओढां, 17, 6, 11
महिला आईटीआई सिरसा, 31, 16, 15
आईटीआई नाथूसरी चोपटा, 37, 15, 22
आईटीआई चौटाला, 20, 10, 08
सिरसा डाक घर, 35, 24, 05
दमकल विभाग, 21, 21, 0
नगर पालिका ऐलनाबाद, 83, 59, 24
जनस्वास्थ्य विभाग मंडल दो, 366, 76, 290
जिला शिक्षा विभाग, 7044, 17, 7027
भाखड़ा जल सेवाओं, 717, 60, 657
बिज विकास निगम, 32, 32, 0
हमें पहले पता नहीं था कि सभी कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। अगर पता होता तो हम किसी अन्य तरीके से बसें चलाते। कुछ कर्मचारी काम पर आए थे, लेकिन वह भी घबराकर बस से उतर गए और हड़ताल में शामिल हो गए। भादरा में चालक के मुंह पर स्याही पोती गई है, युवक पकड़ा भी गया है। पुलिस पूछताछ कर रही है कि वह कौन है और ऐसा क्यों किया है। सिरसा डिपो से अभी तक लगभग 20 बसें चला दी गई हैं। यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होने दी गई।
-केआर कौशल, महाप्रबंधक, सिरसा डिपो।