कोरोना संक्रमण के चलते राजस्थान सरकार ने अपनी सीमाएं सील कर दी है। जिसका असर रोडवेज विभाग पर भी पड़ रहा है। रोडवेज विभाग सिरसा डिपो ने अपनी राजस्थान जाने वाली 9 बसें रोक दी। राजस्थान जाने वाली ग्रामीण सवारियों को जानकारी न होने के कारण बस अड्डा सिरसा में संपर्क कर पूछताछ रहीं हैं। वहीं बस अड्डे पर लगाई गई स्वास्थ्य विभाग की टीम भी स्क्रीनिंग के नाम पर मात्र औपचारिकता पूरी कर रही हैं। बस अड्डे पर केवल उन्हीं लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है जो बुकिंग करवाकर बस में यात्रा कर रहे हैं।
बता दें कि जिले के साथ लगती राजस्थान की सीमाएं सील होने के बाद रोडवेज मुख्यालय की ओर से पत्र जारी कर राजस्थान के विभिन्न रूटों को भी बंद करवा दिया गया है। वीरवार को सिरसा और डबवाली सब डिपो से कोई भी बस को राजस्थान के लिए रवाना नहीं किया गया। जबकि यात्री बसों की जानकारी लेने के लिए बस अड्डे पर बस के समय अनुसार पहुंचने शुरू हो गए थे। लेकिन कर्मचारी बसों के बंद होने की जानकारी देकर यात्रियों को वापस भेजने लगे। दूसरी ओर लोकल रूटों के यात्रियों की संख्या हर रोज बढ़ती जा रही है। कहीं यह भीड़ आने वाले समय में कोई बड़ा नुकसान न कर दें। क्योंकि शुरूआती दिनों में तो हर उस शख्स की स्क्रीनिंग होती थी जो बाहर से या बस अड्डे में ही प्रवेश करता था, लेकिन इन दिनों स्वास्थ्य विभाग की टीमें सुस्ती से काम कर रही हैं। बस अड्डे पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीमों का कहना है कि उनको आदेश है कि केवल उन्हीं लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी जो लंबे रूट की बसों में आएंगे। गांवों से आने वालों की कोई स्क्रीनिंग नहीं की जाएगी। वहीं रोडवेज के कर्मचारी भी यात्रियों की स्क्रीनिंग कर अपना काम पूरा करने में लगे हुए हैं, रोडवेज कर्मचारी केवल उन्हीं यात्रियों की स्क्रीनिंग कर रहे हैं जिन्होंने अपनी टिकट बुक करवाई है। बस अड्डे से टिकट लेने वाले की कोई स्क्रीनिंग नहीं की जा रही है। वहीं यात्रियों की संख्या अधिक होने के बाद लोकल रूटों पर अब रानियां, ऐलनाबाद, डबवाली, फतेहाबाद, बणी के रूटों पर बसें दौड़ने लगी हैं। जिससे ग्रामीण यात्री भी अब बस में सवार हो शहर पहुंच रहे हैं।
बस में बैठने से पहले दिखाना होगा आधार कार्ड
रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ ही ग्रामीणों को इसका लाभ मिल रहा है। बसों को अब गांवों में रोक यात्रियों को उतारा और चढ़ाया जा रहा है। हालांकि कई ग्रामीणों की थर्मल स्क्रीनिंग और अन्य जानकारी न होने के कारण खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में अब यात्रियों की सुरक्षा यात्रियों के ही हाथ में है। जबकि बस अड्डे पर पहुंचने वाले यात्रियों के नाम, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड और अन्य जानकारी भी ली जा रही है और इसके पश्चात थर्मल स्क्रीनिंग कर यात्रियों को भेजा जा रहा है।
यह बसें रहीं बंद और यह चलीं
लॉकडाउन में राहत के बाद सिरसा से नोहर, भादरा, गंगानगर और हनुमानगढ़ के लिए बसों को रवाना किया जाता था। लेकिन सीमा सील होने के बाद सभी बसों को बंद कर कर दिया। अनलॉक-1 के दौरान सिरसा से नोहर एक बस, भादरा के लिए दो बस, हनुमानगढ़ के लिए दो बस, एक गंगानगर, एक डबवाली से गंगानगर, दो डबवाली से हनुमानगढ़ जाने वाली बसों को बंद कर दिया है। हालांकि इन बसों में अधिकतर मजदूर जो राजस्थान में लॉकडाउन के कारण फंसे हुए थे वे ही आ रहे हैं। वहीं वीरवार को सिरसा से गुरुग्राम 4, पंचकूला 1, हिसार 5, रोहतक 1, पानीपत 1, दिल्ली 1, डबवाली 4, ऐलनाबाद 2, रानियां और बणी 3 बसों को रवाना किया गया।
कोट
सीमाएं सील होने के कारण बसों को रोका गया है। लोकल रूट पर सवारियां सफर कर रही है तो बसें चलाई जा रही है।
- केआर कौशल, महाप्रबंधक, सिरसा डिपो।