सिरसा। बस स्टैंड के पास शुक्रवार रात को रोडवेज की बस ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। हादसे में ई-रिक्शा चालक की मौत हो गई। बस अड्डा चौकी पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान पर आरोपी चालक के खिलाफ अभियोग दर्ज किया है।
ई-रिक्शा चालक सचिन की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। सचिन की मां शिमला देवी व बहन रजनी का रो-रोकर बुरा हाल है। बुजुर्ग शिमला देवी का कहना है कि रोडवेज बस ने उसके बुढ़ापे का सहारा छीन लिया। उनका कहना है कि शुक्रवार शाम को सचिन घर से बाहर जाते समय उसे कहकर गया था अभी आता हूं, लेकिन रात को उसकी मौत की सूचना आई।
हिसार रोड स्थित जंडी वाली गली निवासी 40 वर्षीय सचिन पिछले 7 वर्षों से ई-रिक्शा चलाता था। शुक्रवार शाम को वह ई-रिक्शा की बैटरी लेने के लिए वाल्मीकि चौक गया था। रात करीब साढ़े 9ररू बजे वह ई-रिक्शा लेकर अपने घर जा रहा था। रेलवे पुल से नीचे उतरते ही पीछे से आ रही रोडवेज की एक बस ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। इससे सचिन नीचे गिर गया और उसका सिर डिवाइड से जा टकराया।
हादसे के बाद चालक ने बस नहीं रोकी और उसे तेज गति से भगाकर बस स्टैंड में ले गया। घायल सचिन को राहगीरों ने सिविल हॉस्पिटल पहुंचाया। यहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर बस स्टैंड चौकी पुलिस मौके पर पहुंची।
बस की गति काफी तेज थी
पीड़ित के परिजनों ने अनुसार मौके पर मौजूद लोगों नेे उनको बताया कि गलती रोडवेज बस चालक की है। बस की गति तेज थी। टक्कर के बाद सचिन उछल कर नीचे गिरा और उसका सिर डिवाइडर से टकरा गया। बस चालक हादसे के बाद मौके से भाग गया।
सचिन के सिर पर थी सारे परिवार की जिम्मेदारी
शिमला देवी ने बताया कि सचिन के ऊपर परिवार की सारी जिम्मेदारी थी। उसका एक भाई बीमार रहता है। सचिन ही एक मात्र कमाने वाला था। उसकी मौत के बाद परिवार पर बड़ा संकट आ गया है। सचिन अविवाहित था।
आरोपी बस चालक राजेश कुमार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बस ऑटो मार्केट से बस स्टैंड की ओर आ रही थी। शनिवार दोपहर को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया। - रतन सिंह,जांच अधिकारी