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चार घंटे रोड जाम कर काटा बवाल

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 गांव शेरगढ़ से लखुआना तक सड़क चौड़ी करने की मांग करते हुए गांव लखुआना के ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को जमकर बवाल काटा। ग्रामीणों ने ढाणी गोबिंदगढ़ के निकट चौराहा जाम कर दिया। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करके चार घंटे तक प्रदर्शन किया।
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 जाम खुलवाने आए डीएसपी के सामने ही ग्रामीण और सदर पुलिसकर्मी आपस में उलझ गए। तहसीलदार से समस्या का हल होने का आश्वासन पाकर चार घंटे बाद ग्रामीण सड़क से हटे। बृहस्पतिवार सुबह ट्रक के एक बछड़े को कुचलने के बाद यह हंगामा शुरू हुआ।

ग्रामीणों ने कहा कि गांव शेरगढ़-लखुआना रोड पर ढाणी गोबिंदगढ़ के नजदीक एक निजी फर्म ने अनाज का गोदाम बनाया हुआ है। इस गोदाम को भारतीय खाद्य निगम ने दस साल के लिए किराये पर ले रखा है। इस गोदाम की नोडल एजेंसी हैफेड है।
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 इसी वर्ष गोदाम में गेहूं के 21 लाख बैग लगे हैं। हर समय रोड पर ट्रकों की आवाजाही रहती है। सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण हर रोज हादसे होते हैं। बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे गोदाम की ओर जा रहे एक ट्रक ने गाय के बछड़े को कुचल दिया। बिना रुके ही चालक ट्रक को गोदाम के भीतर ले गया। यह सब देख रहे ढाणी निवासी सरदूल सिंह ने इसकी जानकारी गांव लखुआना में दी, जिस पर ग्रामीण भड़क गए।

सुबह 9.30 बजे : गांव में मुनादी के बाद ग्रामीण सड़क मार्ग पर जुटे
गांव में बने एक धार्मिक स्थल पर मुनादी होने के बाद सुबह करीब साढ़े नौ बजे सरपंच रामजी लाल, पूर्व सरपंच सुखराज सिंह, ब्लाक समिति सदस्य वेदपाल डांगी, महावीर सिंह, पवन कुमार, माला राम, कुलदीप सिंह, राकेश नेहरा और कृष्ण कुमार के नेतृत्व में ग्रामीण गांव के चौराहा में जमा हो गए।

गांव मसीतां, शेरगढ़ और अबूबशहर मार्ग पर कंटीली झाड़ियां, बाइक लगाकर और ईंटें फेंककर इन्हें बंद कर दिया। ग्रामीण खुद चौराहे के बीचों-बीच बैठ गए। ग्रामीण सड़क को चौड़ा कि ए जाने की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। डबवाली अनाज मंडी से अनाज लेकर गोदाम को जा रहे ट्रकों की कतारें लग गई।

सुबह 10 बजे : भीड़ में से आवाज आई जला दो ट्रकों को
ट्रक चालक अर्जुन और बिट्टू ने बताया कि प्रदर्शन में शामिल युवकों ने आवाज लगाई कि ट्रकों की तोड़फोड़ करके उसमें आग लगा दो। कुछ युवकों ने पत्थर भी उठा लिए। वे अपने ट्रक सड़क पर छोड़कर खेतों की ओर भाग गए।

11 बजे : पुलिसकर्मियों से उलझे ग्रामीण
करीब 11 बजे सदर थाना पुलिस के एएसआई राजा राम मौका पर पहुंचे। एएसआई ने आते ही जाम लगाए बैठे लोगों की फोटोग्राफी करने के निर्देश दिए। प्रदर्शनकारियों का नाम पूछना शुरू कर दिया। ग्रामीण नाम लिखाने के लिए एएसआई के पीछे पड़ गए। एएसआई भीड़ के बीच में से निकल भागे।

 दोपहर करीब 12 बजे डीएसपी सत्यपाल यादव मौके पर पहुंचे। वे अभी गाड़ी से उतरे ही थे, इसी दौरान मौके पर आए एसआई धर्मपाल और एएसआई आत्मा राम ने ग्रामीणों को पकड़-पकड़कर उनका नाम पूछना शुरू कर दिया। मांग पत्र तैयार कर रहे ग्रामीण भड़क गए। डीएसपी के सामने ही एसआई धर्मपाल से उलझ गए। नाम लिखने को आतुर दिख रहे एसआई धर्मपाल ठंडे पड़ गए। बाद में एक कोने में जाकर खड़े हो गए।

दोपहर 12 बजे : डीएसपी की एक न सुनी
डीएसपी सत्यपाल यादव ने ग्रामीणों को समझाने बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। ग्रामीणों ने उल्टा उन्हें समझाते हुए कहा कि वे लॉ एंड ऑर्डर मैंनटेन कर सकते हैं, लेकिन उनकी सड़क संबंधी डिमांड पूरी नहीं कर सकते। ये प्रशासन का काम है। ग्रामीणों ने एसडीएम सतीश कुमार को मौके पर बुलाने की मांग की। इस पर डीएसपी ने तहसीलदार परमजीत सिंह चहल को संदेश देकर मौका पर बुलाया।

दोपहर बाद 1.30 बजे : तहसीलदार से मिला आश्वासन
ग्रामीणों ने तहसीलदार को बताया कि सड़क की चौड़ाई कम होने की वजह से निरंतर हादसे को रहे हैं। एक बस भी पलट गई थी, लेकिन प्रशासन ने इससे सबक नहीं सीखा। करीब डेढ़ बजे गांव लखुआना की पंचायत की ओर से सड़क को चौड़ा किए जाने की मांग संबंधी ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया।

तहसीलदार से सड़क के चौड़ा होने का आश्वासन पाकर ग्रामीण शांत हुए। चार घंटे बाद ग्रामीण सड़क मार्ग से हटे। तहसीदार चहल ने कहा कि ग्रामीणों का ज्ञापन उच्चाधिकारियों को भेजकर समस्या का समाधान करवाया जाएगा।
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फोटो विवरण:22एसआईआरपी22:डबवाली क्षेत्र के गांव लखुआना के समीप सडक चौडी करने की मांग को लेकर यातायात जाम करने के लिए सडक पर खडी की गई बाइक।
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