धान का सीजन शुरू हो चुका है फिर भी मंडी में खरीद नहीं हो पा रही है। स्थानीय अनाज मंडी व मार्केट कमेटी में पिछले कई दिनों से आढ़तियों, शैलर मालिकों और मार्केट कमेटी सचिव के बीच विवाद के चलते धान की खरीद रुकी हुई है। इसी मामले में बुधवार को भी मार्केट कमेटी कार्यालय में हंगामेदार बैठकों का दौर जारी रहा। वहीं किसानों ने भी फसल बेचने में आ रही परेशानी के चलते कमेटी के समक्ष धरना देकर अपना रोष व्यक्त किया। एसडीएम सिरसा ने मौके पर पहुंचकर किसानों को आश्वासन देकर उनका धरना समाप्त करवाया और कई दिनों से चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए मार्केट कमेटी के सचिव को छुट्टी पर भेजकर धान की बोली शुरू करवाई।
गौरतलब हो कि धान की बोली न होने से पहले शैलर मालिकों की ओर से हजारों क्विंटल धान की सीधी खरीद कर अतिरिक्त अनाज मंडी में ढेरियां करवा दी थी। जिसका पता चलने पर गत दो दिन पहले मार्केट कमेटी सचिव को लगा तो उन्होंने उक्त धान को लेकर पांच शैलरों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। जिस पर आढ़तियों व शैलर मालिकों ने बुधवार को नरमे की बोली भी बीच में बंद कर मार्केट कमेटी सचिव पर दबाव बनाने की कोशिश करते हुए उस पर दुर्व्यवहार व भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाते हुए उसे कालंावाली से बदलने की मांग की।
आढ़तियों और मार्केट कमेटी सचिव के बीच चल रहे विवाद के कारण धान व नरमे की बोली न होने से परेशान किसानों ने भी मोर्चा खोलते हुए कमेटी के समक्ष धरना दे दिया। सरकार की ओर से मार्केट कमेटी को ऑनलाइन करने पर सचिव द्वारा बरती जा रही सख्ती से नाराज होकर आढ़तियों व शैलर मालिकों ने नरमे की बोली बंद कर दोनों एसोसिएशन द्वारा प्रस्ताव पारित कर सचिव पर विभिन्न आरोप लगाते हुए उसेे जहां से बदलने की मांग की। जिस पर कमेटी में बैठे डीएमईओ मदन सिहाग ने मामले को सुलझाने के लिए सचिव को कुछ दिनों के लिए छुट्टी पर भेज दिया और धान की बोली शुरू करवाई।
एसडीएम ने कराया धरना समाप्त
उक्त मामले को सुलझाने आए सिरसा के एसडीएम परमजीत सिंह चहल ने कमेटी के बाहर धरने पर बैठे किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी फसलों की बोली सही ढंग से करवाई जाएगी और मंडी के धर्मकांटों की जांच करवाई जाएगी। जिस पर किसानों ने अपना धरना समाप्त किया और किसानों ने अपनी मांग रखते हुए कहा कि मंडी में उनकी फसल अन्य मंडियों की तुलना से कम रेट पर बिकती हैं और ज्यादा काट भी काटी जाती हैं। एसडीएम जब आढ़तियों की मीटिंग में पहुंचे तो वहां पर मंडी के करीब आधा दर्जन ही आढ़ती मौजूद थे। लेकिन वहां पर आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान प्रदीप जैन ने जब सचिव यशपाल मेहता का पक्ष लेते हुए अपनी बात रखनी चाही तो वहां पर मौजूद अन्य आढ़तियों ने उसे भी दबाने का प्रयास किया और दबाव बनाते हुए उसे और सचिव को मीटिंग से बाहर भेज दिया गया। जिसकी भी मंडी में काफी चर्चा हो रही हैं।
बोले खरीद अधिकारी
इस संबंध में हैफेड के खरीद अधिकारी ओम प्रकाश बिश्नोई ने बताया कि बुधवार को एजेंसी की ओर से करीब छह हजार क्विंटल की खरीद की गई। जिससे किसानो ने कुछ राहत महसूस की हैं।
बोले मार्केट सचिव
इस संबंध में मार्केट सचिव यशपाल मेहता ने उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताते हुए बताया कि उन्हे पता चला था कि कई शैलर मालिक धान की सीधी खरीद कर रहे हैं। जिसको लेकर उन्होने पांच शैलर मालिकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। उन्होने बताया कि वे मंडी में गलत काम नहीं होने देगें।